बिहार की राजनीति और लालू परिवार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. बात एक अहम मुलाकात को लेकर है, जिसने एक बार फिर सियासी हलकों में चर्चा तेज कर दी है. लंबे समय बाद लालू प्रसाद यादव और उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की मुलाकात हुई है. यह मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई है, जब तेज प्रताप न सिर्फ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से बाहर हैं, बल्कि परिवार के भीतर भी रिश्तों में खटास की खबरें सामने आती रही हैं.
अनुष्का यादव प्रकरण के बाद तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से अलग कर दिया गया था. इसके बाद करीब सात महीने तक उनकी लालू यादव से कोई सार्वजनिक मुलाकात नहीं हुई. शुक्रवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में ‘जमीन के बदले नौकरी’ (लैंड फॉर जॉब) मामले की सुनवाई के बाद यह मुलाकात संभव हो पाई. कोर्ट में पेशी के बाद तेज प्रताप सीधे अपनी बहन मीसा भारती के दिल्ली स्थित आवास पहुंचे, जहां इन दिनों लालू यादव रह रहे हैं.
पिता से मिलने के बाद तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने बताया कि उन्होंने लालू यादव से आशीर्वाद लिया और मकर संक्रांति के मौके पर पटना में आयोजित होने वाले दही-चूड़ा भोज में आने का न्योता दिया. तेज प्रताप ने उम्मीद जताई कि उनके पिता जरूर इस भोज में शामिल होंगे. गौरतलब है कि 14 जनवरी को तेज प्रताप के पटना स्थित आवास पर यह आयोजन होना है, जिसमें एनडीए के कई नेताओं को भी बुलाया गया है. इसे राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है.
इस पूरे घटनाक्रम में एक और दिलचस्प पहलू सामने आया. राउज एवेन्यू कोर्ट में तेज प्रताप यादव और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव आमने-सामने आए, लेकिन दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई. बताया जा रहा है कि जब तेज प्रताप कोर्ट से बाहर निकल रहे थे, तभी तेजस्वी कोर्ट में प्रवेश कर रहे थे. बाद में भी जब तेज प्रताप मीसा भारती के घर पहुंचे, उस समय तेजस्वी वहां मौजूद नहीं थे. इससे यह साफ होता है कि भाई-भाई के रिश्तों में अभी भी दूरी बनी हुई है.
तेज प्रताप यादव ने जमीन के बदले नौकरी मामले पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वह इस कानूनी लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे. इस केस में उन्हें भी सीबीआई की ओर से अभियुक्त बनाया गया है. तेज प्रताप का कहना है कि यह मामला राजनीतिक है और सच्चाई अंत में सामने आएगी. उन्होंने भरोसा जताया कि परिवार इस मुश्किल समय से निकल आएगा.
दिलचस्प बात यह भी है कि नए साल की शुरुआत में तेज प्रताप यादव ने पहले अपनी मां राबड़ी देवी को जन्मदिन की बधाई देने 10 सर्कुलर रोड पहुंचकर आशीर्वाद लिया था और अब पिता लालू यादव से भी मिलकर उनका आशीर्वाद ले लिया है. राजनीतिक जानकार इसे तेज प्रताप की नई सियासी रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं.
लालू यादव और तेज प्रताप यादव की यह मुलाकात भले ही पारिवारिक बताई जा रही हो, लेकिन इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं. क्या इससे परिवार के भीतर जमी बर्फ पिघलेगी या यह सिर्फ औपचारिक मुलाकात थी, इसका जवाब आने वाले दिनों में मिलेगा. फिलहाल, यह मुलाकात बिहार की राजनीति में एक नई चर्चा जरूर पैदा कर गई है.
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