पंजाब की सीमा पट्टी में रहने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐलान किया है कि केंद्र सरकार ने सिद्धांत रूप में बॉर्डर सिक्योरिटी फेंस (BSF Fence) को अंतरराष्ट्रीय सीमा के और करीब शिफ्ट करने पर सहमति जता दी है. इस फैसले से उन हजारों एकड़ कृषि भूमि पर फिर से खेती का रास्ता साफ हो जाएगा, जो वर्षों से फेंस के बाहर फंसकर बेकार पड़ी थी.
सीएम भगवंत मान के मुताबिक, यह फैसला लंबे समय से उठ रही किसानों की मांगों के बाद संभव हो पाया है. सीमा के उस पार या फेंस के बीच फंसी जमीन पर किसानों को न तो समय पर पहुंच मिल पाती थी और न ही सुरक्षा एजेंसियों की पाबंदियों के चलते वे निर्बाध खेती कर पा रहे थे. अब फेंस शिफ्ट होने से हालात बदलने की उम्मीद है.
पंजाब के कई जिलों, खासकर अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में BSF फेंस इस तरह लगा है कि बड़ी मात्रा में कृषि भूमि फेंस के बाहर रह गई. इन खेतों तक पहुंच के लिए किसानों को तय समय, पहचान पत्र और सुरक्षा जांच जैसी औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता था. इससे न सिर्फ खेती प्रभावित हुई, बल्कि फसल की लागत भी बढ़ती चली गई.
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि केंद्र सरकार की “सैद्धांतिक सहमति” बेहद अहम है, क्योंकि BSF फेंस राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है. फेंस को सीमा के और पास ले जाने से एक तरफ सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रहेगी, वहीं दूसरी ओर किसानों को उनकी जमीन पर पूरा अधिकार और निर्बाध पहुंच मिलेगी.
इस फैसले के बाद हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन दोबारा खेती के दायरे में आएगी. इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. सीमावर्ती गांवों में रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है.
पंजाब सरकार का कहना है कि वह केंद्र और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर इस फैसले को जल्द जमीन पर उतारने के लिए काम करेगी. सीएम मान ने इसे “किसानों की जीत” बताते हुए कहा कि सरकार उनकी जमीन और हक की लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ती रहेगी.
Copyright © 2026 The Samachaar
