पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान तमिलनाडु के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्हें ‘मुख्यमंत्री नाश्ता योजना’ के विस्तार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल किया गया। यह कार्यक्रम उनके लिए गर्व और सम्मान का अवसर था।
चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने हमेशा जनता की भलाई को प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और बिजली जैसे अहम क्षेत्रों में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उनका मानना है कि यही क्षेत्र किसी भी देश की असली ताकत हैं।
मान ने यह भी कहा कि इन विषयों को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने का श्रेय आम आदमी पार्टी को जाता है, क्योंकि पहले इन मुद्दों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता था। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की भी सराहना की और कहा कि उनकी सरकार ने लोगों की भलाई के लिए कई अच्छी योजनाएं शुरू की हैं।
मुख्यमंत्री मान ने यह साफ किया कि पंजाब सरकार देशभर में चल रही अच्छी योजनाओं से सीखने और उन्हें अपने राज्य में लागू करने के लिए हमेशा तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि यह समारोह उनके लिए खास है क्योंकि इससे उन्हें तमिलनाडु की सफल पहल को नज़दीक से देखने और समझने का मौका मिला।
अपने संबोधन में मान ने भारत की एकता और विविधता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैसे अलग-अलग रंगों के फूल मिलकर एक सुंदर गुलदस्ता बनाते हैं, उसी तरह भारत की विभिन्न संस्कृतियां और परंपराएं मिलकर देश को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने बताया कि भारत की असली ताकत यही भाईचारा और आपसी मेलजोल है।
मुख्यमंत्री ने यह उम्मीद जताई कि यह दौरा न सिर्फ पंजाब और तमिलनाडु के बीच रिश्तों को मजबूत करेगा, बल्कि दोनों राज्यों के लिए नए अवसर और प्रगति के रास्ते भी खोलेगा। उन्होंने कहा कि पंजाब और तमिलनाडु दोनों की सांस्कृतिक धरोहर बहुत समृद्ध है और इनका जुड़ाव देश की एकता और विकास को और गहरा करेगा।