Siddhartha Bhaiya Net Worth: भारतीय निवेश की दुनिया ने सिडार्थ भैया के अचानक निधन से गहरा दुःख जताया है. वे एक़्विटास इन्वेस्टमेंट के संस्थापक और प्रबंध निदेशक थे. 31 दिसंबर 2025 को वे न्यूजीलैंड में परिवार के साथ छुट्टियां मना रहे थे, तभी उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनका निधन हो गया. उनकी उम्र केवल 44 साल थी.
एक़्विटास इन्वेस्टमेंट ने 2 जनवरी 2026 को इसकी पुष्टि करते हुए इसे संगठन और पूरी निवेश दुनिया के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया. कंपनी ने कहा, हमें ये बताते हुए गहरा दुःख है कि हमारे प्रबंध निदेशक श्री सिडार्थ भैया का 31 दिसंबर 2025 को अचानक दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया.
सिडार्थ भैया एक अनुभवी फंड मैनेजर थे. उन्हें शेयर बाजार में अनुशासन और अलग सोच के लिए जाना जाता था. वे हमेशा सोच-समझकर निवेश करते थे और समय-समय पर जोखिम भरे, लेकिन सही निवेश फैसले लेने के लिए मशहूर थे.
उन्होंने अपना करियर निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड से शुरू किया और लगभग सात साल काम करने के बाद 2012 में एक़्विटास इन्वेस्टमेंट की स्थापना की. उनके नेतृत्व में यह कंपनी ₹7,700 करोड़ की PMS और AIF प्लेटफॉर्म में बढ़ी.
भैया ने अपने PMS फंड्स में निवेश कर लोगों को बहुत अच्छी रिटर्न दी. उनके फंड्स ने सालाना 34% की औसत वृद्धि और कुल 2,800% की रिटर्न दी. यानी उन्होंने बहुत कम समय में निवेशकों के पैसे को कई गुना बढ़ा दिया.
उनकी खासियत यह थी कि वे विपरीत सोच रखते थे. उदाहरण के लिए, 2024 में जब शेयर बाजार बहुत ऊंचा था, उन्होंने बाजार सुधार (market correction) की चेतावनी दी. उस समय कई लोग उनकी बात नहीं मानते थे.
अप्रैल 2025 में, जब दुनिया के बाजार अस्थिर थे, भैया ने अपने फंड में लगभग 90% पैसे नकद रखे, जबकि बाकी निवेशक पूरी तरह निवेश में थे. यह उनके अनुशासित और सावधान निवेश करने की शैली को दर्शाता है. उनका यही अंदाज उन्हें बाकी निवेशकों से अलग बनाता था.
सिडार्थ भैया ने 2005 में निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड में फंड मैनेजर के रूप में काम शुरू किया. जल्दी ही उन्होंने अपनी मेहनत और विश्लेषण की क्षमता से पहचान बनाई. वे PMS (Portfolio Management Services) में सबसे कम उम्र के फंड मैनेजर बने. उस समय उस यूनिट के पास लगभग $200 मिलियन की संपत्ति थी.
करीब सात साल काम करने के बाद, उन्होंने 2011 में अपना अलग रास्ता चुना.
2012 में भैया ने एक़्विटास इन्वेस्टमेंट की स्थापना की. ये कंपनी मेन रूप से अमीर निवेशकों और परिवारों के लिए निवेश सलाह देती थी. समय के साथ, एक़्विटास $650 मिलियन की संपत्ति वाली कंपनी बन गई. भैया इसमें प्रबंध निदेशक और मुख्य निवेश अधिकारी के रूप में काम करते थे.
उनकी कंपनी ने सालाना 34% की औसत वृद्धि दर्ज की. भैया एक चार्टर्ड एकाउंटेंट भी थे और अपने काम में बहुत व्यवस्थित और लंबी सोच वाले थे.
एक़्विटास ने भैया को संगठन की रीढ़ बताया. कंपनी के अनुसार, वे सिर्फ निवेशक नहीं थे, बल्कि एक मजबूत संस्था बनाने वाले भी थे. उनकी सोच और अनुशासन ने एक़्विटास को सही मूल्यों और जिम्मेदारी की संस्कृति वाला संगठन बनाया.
कंपनी ने निवेशकों को यह भरोसा भी दिया कि वे भैया के सिद्धांतों पर काम करना जारी रखेंगे.
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