Salary Account: आज के समय में नौकरी करने वाले ज्यादातर लोगों के पास सैलरी अकाउंट होता है. आमतौर पर लोग इस अकाउंट का इस्तेमाल केवल सैलरी आने और रोजमर्रा के खर्च के लिए करते हैं. बहुत कम लोग ये जानते हैं कि सैलरी अकाउंट में साधारण बचत खाते से अलग कई अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती हैं. जानकारी के अभाव में लोग इन फायदों का पूरा उपयोग नहीं कर पाते. अगर आपकी सैलरी हर महीने बैंक खाते में आती है, तो यह जानना जरूरी है कि आपका सैलरी अकाउंट आपकी आर्थिक जिंदगी को कैसे आसान बना सकता है.
सैलरी अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसमें कंपनी या संस्थान कर्मचारी की सैलरी सीधे जमा करता है. बैंक अलग-अलग तरह के सैलरी अकाउंट उपलब्ध कराते हैं, जैसे सामान्य सैलरी अकाउंट, ज्यादा सैलरी वालों के लिए विशेष अकाउंट, बेसिक सैलरी अकाउंट और कुछ खास वर्गों जैसे डिफेंस कर्मचारियों के लिए अलग अकाउंट. हर तरह के अकाउंट की सुविधाएं थोड़ी अलग हो सकती हैं.
सैलरी अकाउंट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की जरूरत नहीं होती. अगर किसी महीने पूरा पैसा खर्च हो जाए और खाते में बैलेंस शून्य भी हो, तब भी बैंक कोई जुर्माना नहीं लगाता. सामान्य बचत खाते में ऐसा नहीं होता और बैलेंस कम होने पर शुल्क देना पड़ता है.
कई सैलरी अकाउंट में ओवरड्राफ्ट की सुविधा मिलती है. इसका मतलब यह है कि अगर खाते में पैसे खत्म हो जाएं, तब भी आप तय सीमा तक पैसा निकाल सकते हैं. यह सुविधा अचानक आई जरूरत, जैसे मेडिकल खर्च या किसी जरूरी भुगतान में मदद करती है. बाद में सैलरी आने पर यह रकम अपने आप समायोजित हो जाती है.
सैलरी अकाउंट होने से बैंक को आपकी आय का नियमित रिकॉर्ड मिल जाता है. इसी वजह से पर्सनल लोन, कार लोन या होम लोन लेना आसान हो जाता है. कई बार बैंक कम कागजी कार्रवाई के साथ लोन दे देते हैं. कुछ मामलों में ब्याज दर भी सामान्य से थोड़ी कम हो सकती है.
ज्यादातर बैंक सैलरी अकाउंट के साथ मुफ्त डेबिट कार्ड और चेक बुक देते हैं. इसके लिए कोई अलग शुल्क नहीं लिया जाता। वहीं, सामान्य बचत खाते में इन सुविधाओं के लिए पैसे देने पड़ सकते हैं. इससे छोटे लेकिन जरूरी खर्चों में बचत होती है.
सैलरी अकाउंट में ऑनलाइन पैसे भेजने की सुविधाएं जैसे NEFT, RTGS और कई बार IMPS भी बिना शुल्क के मिलती हैं. इससे आप किसी को भी आसानी से पैसे भेज सकते हैं, चाहे वह परिवार का सदस्य हो या कोई जरूरी भुगतान. डिजिटल लेन-देन से समय भी बचता है और बैंक जाने की जरूरत भी कम होती है.
कई बैंक सैलरी अकाउंट धारकों को क्रेडिट कार्ड देने में आसानी दिखाते हैं. कुछ मामलों में सालाना शुल्क कम होता है या बिल्कुल नहीं लिया जाता. इससे आप जरूरत के समय भुगतान कर सकते हैं और बाद में बिल चुका सकते हैं. हालांकि, इसका इस्तेमाल सोच-समझकर करना जरूरी है.
कुछ सैलरी अकाउंट के साथ दुर्घटना बीमा या स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं भी जुड़ी होती हैं. यह बीमा सीमित होता है, लेकिन फिर भी आपात स्थिति में मददगार साबित हो सकता है. इसके लिए अलग से प्रीमियम नहीं देना पड़ता, जो इसे उपयोगी बनाता है.
ज्यादा सैलरी वाले अकाउंट में बैंक अपने ग्राहकों को जल्दी सेवा देने की कोशिश करता है. कभी-कभी अलग काउंटर या एक ही अधिकारी से काम निपटाने की सुविधा मिलती है. इससे बैंक से जुड़ा काम आसान और कम समय में हो जाता है.
सैलरी अकाउंट में हर महीने तय संख्या में मुफ्त एटीएम ट्रांजैक्शन मिलते हैं. इससे आप बिना अतिरिक्त शुल्क दिए पैसे निकाल सकते हैं, चाहे एटीएम किसी भी बैंक का हो.
सैलरी अकाउंट केवल सैलरी रखने का साधन नहीं है, बल्कि यह कई तरह से आपकी आर्थिक जरूरतों में मदद कर सकता है. अगर आप अपने अकाउंट की सुविधाओं को ठीक से समझ लें और उनका सही इस्तेमाल करें, तो रोजमर्रा की बैंकिंग आसान हो सकती है. इसलिए अगली बार अपने बैंक से जुड़ी जानकारी जरूर लें और जानें कि आपका सैलरी अकाउंट आपको कौन-कौन से फायदे दे रहा है.
Copyright © 2026 The Samachaar
