एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के हिजाब को लेकर दिए गए बयान पर अब धार्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर की प्रतिक्रिया सामने आई है। देवकीनंदन ठाकुर ने ओवैसी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि अगर ओवैसी भारत में हिजाब पहनने वाली प्रधानमंत्री देखने का सपना रखते हैं, तो उनका भी एक सपना है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में तिलकधारी और भगवाधारी लोग सत्ता संभालें। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
दरअसल, असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में एक जनसभा के दौरान कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। उन्होंने यह बात भारत के संविधान का हवाला देते हुए कही थी। ओवैसी का कहना था कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, चाहे वह किसी भी धर्म या समुदाय से क्यों न हो। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कोई भी व्यक्ति प्रधानमंत्री बन सकता है, जबकि पाकिस्तान जैसे देशों में शीर्ष पदों पर पहुंचने के लिए धार्मिक सीमाएं तय हैं।
ओवैसी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सपने देखने का हक सभी को है। उन्होंने कहा कि अगर ओवैसी एक खास तरह की प्रधानमंत्री की बात करते हैं, तो वे भी चाहते हैं कि पड़ोसी देशों पाकिस्तान और बांग्लादेश में भगवाधारी और तिलकधारी लोग शासन करें। उनका कहना था कि यह भी उनका सपना है और वे इसे खुलकर कहने से पीछे नहीं हटेंगे।
ओवैसी के बयान पर सिर्फ धार्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि कई राजनीतिक दलों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा समेत अन्य दलों के नेताओं ने उनके बयान को गैरजिम्मेदाराना बताया है। भाजपा सांसद अनिल बोंदे ने कहा कि ओवैसी आधा सच सामने रख रहे हैं। उनका दावा है कि कई मुस्लिम महिलाएं हिजाब पहनना नहीं चाहतीं।
अनिल बोंदे ने ईरान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां महिलाएं हिजाब के खिलाफ सड़कों पर उतरी हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी इंसान गुलामी पसंद नहीं करता और इसी वजह से कई महिलाएं हिजाब को मजबूरी मानती हैं। इस बयान के बाद हिजाब को लेकर एक बार फिर देश में बहस छिड़ गई है।
ओवैसी ने 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बनाया है, जिसमें सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भविष्य में एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुसलमानों के खिलाफ फैलाई जा रही नफरत ज्यादा दिन तक नहीं टिकेगी।
ओवैसी और देवकीनंदन ठाकुर के बयानों के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर धर्म और राजनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।
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