Mayawati 70th Birthday: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन को पूरी तरह राजनीतिक एजेंडे के साथ मनाया. उन्होंने बताया कि पूरे देश में उनका जन्मदिन “जनकल्याणकारी दिवस” के रूप में मनाया गया. मायावती ने कहा कि उनकी सरकारों के दौरान शुरू की गई योजनाओं से समाज के हर वर्ग को लाभ मिला और इसी वजह से जनता के दिलों में उनकी जगह बनी हुई है.
मायावती ने इस मौके पर ब्राह्मण समाज को खास संदेश दिया. उन्होंने कहा कि बीएसपी ने हमेशा ब्राह्मणों को सम्मान और उचित भागीदारी दी है. दिसंबर 2025 के विधानसभा शीतकालीन सत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभी दलों के ब्राह्मण विधायकों ने अपनी उपेक्षा को लेकर चिंता जताई थी. ऐसे में ब्राह्मण समाज को बीजेपी, कांग्रेस और सपा के बहकावे में नहीं आना चाहिए.
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि ब्राह्मण समाज को किसी का एहसान नहीं चाहिए. अगर बीएसपी की सरकार बनी तो उनकी सभी अपेक्षाएं पूरी की जाएंगी. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि क्षत्रिय और अन्य समाजों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा. मायावती ने दावा किया कि उनके शासनकाल में मंदिर, मस्जिद और चर्च जैसी धार्मिक जगहों को कभी नुकसान नहीं पहुंचने दिया गया.
मायावती ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सपा के शासन में माफिया और गुंडों का राज रहा. दलित समाज पर सबसे ज्यादा अत्याचार इसी दौर में हुए. उन्होंने 2 जून को अपने ऊपर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह सपा के गुंडों और बदमाशों की करतूत थी. साथ ही उन्होंने कहा कि सपा के पीडीए मॉडल में मुस्लिम समाज भी उपेक्षित रहा.
बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि दलित और अन्य उपेक्षित वर्ग आज भी परेशान हैं. उन्होंने दावा किया कि आज जिन एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट का उद्घाटन हो रहा है, उनकी शुरुआत बीएसपी सरकार के समय हुई थी, लेकिन राजनीतिक विरोध के चलते काम आगे नहीं बढ़ पाया.
गठबंधन के सवाल पर मायावती ने दो टूक कहा कि बीएसपी विधानसभा और लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन तभी होगा जब वह बीएसपी के हित में हो. अगर भविष्य में कोई दल अपर कास्ट वोट दिलाने में सक्षम हुआ, तभी गठबंधन पर विचार किया जाएगा. फिलहाल पार्टी सभी चुनाव अकेले लड़ने के फैसले पर कायम है.
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