पंजाब में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए भगवंत मान सरकार ने पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में बड़ा फेरबदल किया है। राज्य सरकार ने मंगलवार को प्रशासनिक कारणों के चलते कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए। यह फैसला गृह विभाग की ओर से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस फेरबदल का सबसे अहम फैसला 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुखचैन सिंह को लेकर है। उन्हें पंजाब का नया आईजी (इंटेलिजेंस) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह पुलिस मुख्यालय में आईजी के पद पर तैनात थे। अब राज्य की खुफिया व्यवस्था की कमान उनके हाथों में होगी। इससे पहले इंटेलिजेंस विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी डीजीपी पीके सिन्हा के पास थी। अब वह अपने मूल पद डायरेक्टर विजिलेंस ब्यूरो, पंजाब पर ही कार्य करते रहेंगे।
मान सरकार का यह कदम राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है, खासकर सीमा से जुड़े खतरों और संगठित अपराध पर नजर रखने के लिए।
इसके अलावा, 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी नरेश अरोड़ा को स्पेशल डीजीपी (मानवाधिकार) बनाया गया है। वह इस जिम्मेदारी के साथ-साथ पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग (PSHRC) में डीजीपी के तौर पर भी अपनी सेवाएं जारी रखेंगे।
वहीं एसएस श्रीवास्तव, जो अब तक स्पेशल डीजीपी (सिक्योरिटी) के पद पर थे, उन्हें अब स्पेशल डीजीपी (हेडक्वार्टर), चंडीगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही 2001 बैच के अधिकारी डॉ. कौस्तुभ शर्मा को एडीजीपी (मानवाधिकार) से हटाकर एडीजीपी (सिक्योरिटी) नियुक्त किया गया है।
मध्य स्तर के अधिकारियों में भी बदलाव किए गए हैं। संदीप गोयल (एसपीएस-2011) को बॉर्डर रेंज, अमृतसर से हटाकर डीआईजी, एजीटीएफ-2, लुधियाना बनाया गया है, जबकि उनके पास बॉर्डर रेंज की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी रहेगी।
वहीं 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी मनींदर सिंह, जो अभी एसएसपी रोपड़ हैं, को एआईजी (वेलफेयर) की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा कनवलदीप सिंह को एआईजी क्राइम से हटाकर एआईजी पर्सनल-1 नियुक्त किया गया है।
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