पंजाब की राजनीति इन दिनों काफी गरमाई हुई है। मोगा में आयोजित होने वाली भाजपा की ‘बदलाव रैली’ से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अब बदलाव चाहते हैं और राज्य की स्थिति को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
रैली से पहले उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए पंजाब की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि राज्य की पहचान कभी बहादुर जवानों, मेहनती किसानों और मेहनतकश लोगों की रही है, लेकिन मौजूदा हालात चिंताजनक हो गए हैं।
अमित शाह ने आम आदमी पार्टी की सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार, नशे की समस्या और अपराध की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के शासन में पंजाब की व्यवस्था कमजोर हुई है और जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के कामकाज में पारदर्शिता और प्रभावी प्रशासन की कमी दिखाई दे रही है, जिसके कारण राज्य के विकास की रफ्तार भी प्रभावित हुई है।
अमित शाह ने अपने बयान में यह भी कहा कि पंजाब की सरकार ‘रिमोट कंट्रोल’ से चल रही है। उनके मुताबिक, इस तरह की व्यवस्था में राज्य के हितों के बजाय राजनीतिक नियंत्रण ज्यादा दिखाई देता है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति में कानून व्यवस्था और विकास दोनों प्रभावित होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के लोगों की उम्मीदें अब पूरी नहीं हो पा रही हैं, इसलिए जनता बदलाव की मांग कर रही है।
मोगा में होने वाली भाजपा की बदलाव रैली को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि वह इस रैली के माध्यम से पंजाब के लोगों, खासकर किसानों, युवाओं और महिलाओं से संवाद करने के लिए उत्सुक हैं।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भाजपा आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बदलाव लाने की कोशिश करेगी। इस रैली को पंजाब में पार्टी की राजनीतिक रणनीति के अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोगा की यह रैली पंजाब की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकती है। भाजपा लगातार राज्य की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति को मुद्दा बना रही है।
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