पंजाब में किसानों को केंद्र में रखकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए. इस उच्चस्तरीय बैठक में गन्ना किसानों को सीधी राहत देने के साथ-साथ स्वास्थ्य, फिटनेस, शहरी विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.
कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि मान सरकार परिणाम आधारित शासन मॉडल पर आगे बढ़ रही है. खासतौर पर गन्ना किसानों के लिए घोषित सब्सिडी को खेती-किसानी के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे पंजाब देश में गन्ने की सबसे ज्यादा कीमत देने वाला राज्य बना रहेगा.
कैबिनेट ने 2025-26 के पेराई सत्र के लिए गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए स्टेट एग्रीड प्राइस (SAP) में से ₹68.50 प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी को मंजूरी दी है. यह राशि निजी चीनी मिलों की ओर से सीधे किसानों को दी जाएगी. पंजाब में पहले ही गन्ने का SAP ₹416 प्रति क्विंटल तय है, जो देश में सबसे ज्यादा है. यह कीमत पिछले वर्ष की तुलना में ₹15 अधिक है. सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों की आय सुरक्षा और मजबूत होगी.
जनस्वास्थ्य और फिटनेस को प्राथमिकता देते हुए कैबिनेट ने ‘सीएम दी योगशाला’ प्रोजेक्ट के तहत 1000 अतिरिक्त योग प्रशिक्षकों के पद सृजित करने को मंजूरी दी है. इसके लिए वित्त वर्ष 2026-27 में ₹35 करोड़ का बजट प्रावधान किया जाएगा. इसका उद्देश्य पूरे पंजाब में स्वस्थ और फिट समाज को बढ़ावा देना है.
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने मुक्सर के बादल, तरनतारन के खडूर साहिब, जलालाबाद के CHC और फाजिल्का के टर्शियरी केयर सेंटर को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS), फरीदकोट को सौंपने की मंजूरी दी. इससे स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज और आधुनिक जांच सुविधाएं मिल सकेंगी.
कैबिनेट ने पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्युनिसिपल एक्ट 2020 की धारा 4 के तहत दिशा-निर्देश जारी करने की मंजूरी दी है. इससे सरकारी विभागों और PSU की नगरपालिकाओं में स्थित संपत्तियों को सार्वजनिक उद्देश्य के लिए ट्रांसफर करने का रास्ता साफ होगा. इसके साथ ही नगर सीमा के भीतर स्थित लाइसेंसी प्रोजेक्ट्स में बंद या सक्रिय रास्तों (रस्ते) और जल निकासी चैनलों (खाल) की बिक्री या अदला-बदली की नीति को भी हरी झंडी दी गई है.
PAPRA लाइसेंस प्राप्त प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2026 तक एक साल बढ़ाने को मंजूरी दी गई है. इसके लिए ₹25,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की फीस तय की गई है.
कैबिनेट ने पंजाब सिविल सेवा नियमों में संशोधन कर आवेदन की अंतिम तिथि को पात्रता तय करने की कट-ऑफ डेट घोषित किया है. वहीं फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के साथ बागवानी, कोल्ड चेन और जल प्रबंधन में सहयोग को भी मंजूरी दी गई.
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