पंजाब: मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद बोले कुलदीप धालीवाल – “मैं पंजाब के लिए लड़ता रहूंगा”

पंजाब सरकार से हटाए जाने के बाद मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी ने साढ़े तीन साल सेवा का मौका दिया, इसके लिए वे आभारी हैं।

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पंजाब में एक बार फिर मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है। इस बार लुधियाना पश्चिम से आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव अरोड़ा को मंत्री बनाया गया है और उन्हें उद्योग और एनआरआई (विदेश में रहने वाले भारतीयों से जुड़ा विभाग) सौंपा गया है। यह विभाग पहले कुलदीप सिंह धालीवाल के पास था, जिसे अब उनसे वापस ले लिया गया है। इसके बाद धालीवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।

धालीवाल की भावुक प्रतिक्रिया

इस्तीफा देने के बाद कुलदीप धालीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा, “मेरे पंजाब के लोगों के कल्याण के लिए मेरी मेहनत जारी रहेगी।” उन्होंने यह भी साफ किया कि वह पार्टी के वफादार सिपाही रहेंगे और नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाते रहेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले कुलदीप?

“मैं 2015 से पार्टी से जुड़ा हूं। अमेरिका से लौटकर पंजाब के लिए काम करने आया।”

“मुझे मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि किसी और को मौका देना है, इसलिए आप इस्तीफा दें।”

“मैंने कभी मंत्री पद या विभागों के लिए लड़ाई नहीं की।”

“अगर मेरी जगह कोई और अच्छा काम करे, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं।”

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो उनके पुराने दोस्त हैं, सही फैसले ले रहे हैं।

संजीव अरोड़ा को मिली जीत का इनाम

संजीव अरोड़ा ने हाल ही में हुए उपचुनाव में 35,179 वोट पाकर जीत हासिल की थी। इस उपचुनाव की जरूरत गुरप्रीत बस्सी गोगी के निधन के बाद पड़ी थी।

संजीव को मंत्री बनाने और धालीवाल से विभाग हटाने के फैसले को राजनीतिक संतुलन और नए चेहरों को मौका देने के रूप में देखा जा रहा है।

कुलदीप धालीवाल ने साफ कर दिया है कि वो भले ही अब मंत्री नहीं हैं, लेकिन पंजाब के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने इस्तीफा शांतिपूर्वक तरीके से दिया है और पार्टी और मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान भी बनाए रखा है।