पंजाब के मोगा नगर निगम को आखिरकार नया मेयर मिल गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता प्रवीण शर्मा को आज हुए चुनाव में मोगा का नया मेयर चुना गया। प्रवीण शर्मा को कुल 50 में से 31 पार्षदों का समर्थन मिला, जिसके चलते उन्होंने यह महत्वपूर्ण पद हासिल किया।
मेयर चुनाव के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। जिला प्रशासन के मीटिंग हॉल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आम आदमी पार्टी के पार्षदों और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सदस्यों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि बात धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गई। इस हंगामे के चलते कुछ समय के लिए बैठक में अव्यवस्था का माहौल बन गया, लेकिन बाद में प्रशासन ने स्थिति को संभाला।
मेयर चुनाव को लेकर विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। अकाली दल और कांग्रेस का कहना है कि सत्तारूढ़ AAP सरकार ने उनके पार्षदों पर दबाव डालने और डराने-धमकाने की कोशिश की।
इन आरोपों के विरोध में अकाली दल और कांग्रेस के सभी पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और हॉल से बाहर चले गए। हालांकि विपक्ष के वॉकआउट के बावजूद चुनाव की प्रक्रिया जारी रही और अंत में प्रवीण शर्मा को मेयर घोषित कर दिया गया।
गौरतलब है कि मोगा में मेयर का पद 27 नवंबर 2025 से खाली था। इससे पहले मेयर रहे बलजीत सिंह चन्नी को पद से हटा दिया गया था। चन्नी अगस्त 2023 में पंजाब के पहले AAP मेयर बने थे, लेकिन उनका कार्यकाल विवादों में घिरकर खत्म हो गया।
नवंबर 2025 में आम आदमी पार्टी के हाईकमान ने बलजीत सिंह चन्नी को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पार्टी का आरोप था कि उनके पास नशा तस्करों से संबंधों के ठोस सबूत हैं। आरोप लगे कि चन्नी ने एक ड्रग पेडलर को पुलिस से बचाने में मदद की और एक नशा मामले को निपटाने के लिए पैसे मांगे।
इन आरोपों से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद पार्टी ने उनसे इस्तीफा मांगा। चन्नी ने स्वास्थ्य और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया, हालांकि इसे जबर्दस्ती लिया गया इस्तीफा माना गया।
पद से हटाए जाने के बाद बलजीत सिंह चन्नी ने सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं ने उनके खिलाफ साजिश रची, ताकि मेयर का पद छीना जा सके। चन्नी अपने सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं और उन्होंने दावा किया कि अब तक पुलिस में उनके खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
चन्नी के हटने के बाद मेयर पद को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। इसके बाद कुछ पार्षदों ने हाई कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद इस महीने की शुरुआत में मेयर चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई।
अब प्रवीण शर्मा के मेयर बनने के साथ ही मोगा नगर निगम को नया नेतृत्व मिल गया है, लेकिन चुनाव के दौरान हुए विवादों के चलते सियासी माहौल अभी भी गर्म बना हुआ है।
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