आम आदमी पार्टी ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ी राजनीतिक चाल चली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को मजीठा विधानसभा सीट से तलवीर सिंह गिल को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। मजीठा लंबे समय से अकाली दल का गढ़ माना जाता रहा है और यहां से बिक्रम सिंह मजीठिया का परिवार राजनीति में प्रभावी रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान मजीठा में 11.32 करोड़ रुपये की लागत से 23 लिंक सड़कों के पुनर्निर्माण कार्य का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से तलवीर सिंह गिल के नाम का ऐलान किया। मंच पर सीएम मान के भाषण के दौरान तलवीर गिल उनके साथ खड़े नजर आए।
तलवीर सिंह गिल कभी बिक्रम सिंह मजीठिया के करीबी सहयोगी माने जाते थे। मौजूदा समय में बिक्रम मजीठिया आय से अधिक संपत्ति मामले में पटियाला की नाभा जेल में बंद हैं। इसी राजनीतिक माहौल को देखते हुए AAP ने मजीठा से गिल को मैदान में उतारा है।
गौरतलब है कि बिक्रम मजीठिया तीन बार इस सीट से विधायक रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी गनीव कौर मजीठिया 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां से चुनी गई थीं।
तलवीर सिंह गिल ने 2022 का विधानसभा चुनाव अमृतसर (दक्षिण) से शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उनके और बिक्रम मजीठिया के रिश्ते बिगड़ गए।
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले, मई 2024 में तलवीर गिल ने आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली। पार्टी ने उन्हें तुरंत मजीठा हलके का इंचार्ज भी नियुक्त कर दिया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने भाषण में अकाली दल और बिक्रम मजीठिया पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अकाली सरकारों के दौरान मजीठा इलाके में डर और आतंक का माहौल था, जहां लोग खुलकर बोलने से डरते थे। मान ने कहा कि अब यह डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।
सीएम मान ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि मजीठा वही इलाका है, जहां जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) वाले दिन जनरल डायर को डिनर पर बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि अगर अकाली दल फिर सत्ता में आया, तो पंजाब को फिर से अंधेरे दौर में धकेल दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी पर भी तंज कसते हुए कहा कि वह खुद को सुखबीर सिंह बादल का सिपाही समझते हैं, न कि गुरु गोबिंद सिंह का। उन्होंने कहा कि अकाली दल और SGPC की गलतियों की वजह से ही सरकार को गुरु ग्रंथ साहिब के 328 लापता सरूपों की जांच के लिए SIT बनानी पड़ी।
AAP द्वारा तलवीर सिंह गिल को उम्मीदवार बनाए जाने से मजीठा की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब देखना होगा कि 2027 के चुनाव में यह फैसला कितना असरदार साबित होता है।
Copyright © 2026 The Samachaar
