Punjab Lawyers Strike : पंजाब में वकीलों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर तीन दिन की नो-वर्क हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के चलते राज्य भर की जिला अदालतों में कामकाज पूरी तरह से बंद रहा। फतेहगढ़ साहिब में जिला बार एसोसिएशन की ओर से अदालत परिसर के बाहर जोरदार नारेबाजी की गई और सरकार तथा न्यायिक प्रशासन के खिलाफ रोष जताया गया।
जिला बार एसोसिएशन फतेहगढ़ साहिब ने भी इस हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वकीलों ने अदालतों के बाहर एकजुट होकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इस दौरान अदालतों में न तो पेशियां हुईं और न ही कोई कानूनी कार्य किया गया।
इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन फतेहगढ़ साहिब के पूर्व प्रधान एडवोकेट अमरदीप सिंह धारनी ने बताया कि वकील भाईचारे को लगातार कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वकीलों की इन समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते अब हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
एडवोकेट धारनी ने बताया कि अदालतों द्वारा केसों के “एक्शन प्लान” के नाम पर रोजाना अगली तारीखें तय की जा रही हैं। इससे वकीलों पर बेवजह दबाव बढ़ रहा है और मामलों की ठीक से तैयारी करने का समय नहीं मिल पा रहा। वकील इसे अव्यवहारिक और जल्दबाजी वाला फैसला बता रहे हैं।
वकीलों का दूसरा बड़ा विरोध देश भर में हर 2-2 किलोमीटर के दायरे में ग्राम न्यायालय खोलने के प्रस्ताव को लेकर है। वकीलों का कहना है कि इससे जिला अदालतों की भूमिका कमजोर होगी और वकीलों के काम पर भी असर पड़ेगा। उनका मानना है कि बिना उचित योजना के इस तरह के न्यायालय खोलना सही नहीं है।
तीसरा अहम मुद्दा अदालतों में डिफेंस काउंसिल की नियुक्ति को लेकर है। वकीलों का कहना है कि इससे स्वतंत्र वकालत प्रणाली प्रभावित होगी और आम वकीलों के अधिकारों का हनन होगा। इसी कारण इस फैसले का भी कड़ा विरोध किया जा रहा है।
एडवोकेट अमरदीप सिंह धारनी ने बताया कि पंजाब की सभी बार एसोसिएशन के प्रधानों ने मिलकर इन तीनों मुद्दों को लेकर तीन दिन की नो-वर्क हड़ताल का प्रस्ताव पास किया है। इस फैसले के तहत राज्य भर में कोई भी वकील अदालत का काम नहीं करेगा।
वकीलों ने साफ किया है कि हड़ताल के तीनों दिन वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे और सरकार व संबंधित अधिकारियों तक अपनी मांगें पहुंचाएंगे। अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो आंदोलन को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
वकीलों की इस हड़ताल का असर आम लोगों पर भी पड़ेगा, क्योंकि अदालतों में मामलों की सुनवाई टल गई है। कई जरूरी केस भी आगे की तारीख पर चले गए हैं।
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