WPL 2026 Final : विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में दिल्ली कैपिटल्स का खिताबी सपना एक बार फिर टूट गया। जेमिमा रोड्रिग्स की कप्तानी वाली दिल्ली टीम लगातार चौथी बार WPL फाइनल हार गई। शानदार बल्लेबाजी के बावजूद दिल्ली ट्रॉफी से दूर रह गई, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इतिहास रचते हुए दूसरी बार WPL का खिताब जीत लिया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स ने फाइनल मुकाबले में अब तक का सबसे बड़ा स्कोर 203 रन बनाया। टीम ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 203 रन बनाए, जो WPL फाइनल का सबसे बड़ा स्कोर है। दिल्ली की बल्लेबाजी देखकर लग रहा था कि इस बार उनका इंतजार खत्म होगा।
दिल्ली की कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स ने मुश्किल समय में जिम्मेदारी संभाली। टीम जब 7.3 ओवर में 72 रन पर 2 विकेट खो चुकी थी, तब जेमिमा क्रीज पर आईं। आते ही उन्होंने शानदार शॉट्स खेले और रन गति तेज कर दी। उन्होंने 37 गेंदों में 57 रन की अहम पारी खेली और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
जेमिमा के आउट होने के बाद चिनेल हेनरी ने आखिरी ओवरों में तूफानी बल्लेबाजी की। शुरुआत में धीमी दिखीं हेनरी ने अचानक गियर बदला और गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में नाबाद 35 रन बनाए। वहीं, लॉरा वोलवार्ट ने 25 गेंदों में 44 रन की संयमित पारी खेली। दोनों ने मिलकर आखिरी ओवरों में तेजी से रन जोड़कर दिल्ली को 203 रन तक पहुंचाया।
203 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB को शुरुआत में झटका लगा। चिनेल हेनरी ने अपने पहले ही ओवर में ग्रेस हैरिस को 9 रन पर आउट कर दिया। इससे कुछ देर के लिए लगा कि दिल्ली मैच में लौट सकती है।
इसके बाद RCB की कप्तान स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वोल ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। दोनों ने बिना किसी दबाव के बल्लेबाजी की और दिल्ली के गेंदबाजों की एक नहीं चलने दी।
मंधाना ने शानदार टाइमिंग और क्लास के साथ रन बनाए, जबकि जॉर्जिया वोल ने ताकतवर शॉट्स से गेंदबाजों पर हमला किया। दोनों के बीच 165 रनों की साझेदारी हुई, जो WPL इतिहास की सबसे बड़ी साझेदारी है। यह साझेदारी सिर्फ 92 गेंदों में पूरी हुई।
RCB ने 203 रनों का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। यह WPL इतिहास का सबसे बड़ा सफल रन चेज़ भी बन गया। दिल्ली के गेंदबाज दबाव में पूरी तरह बिखर गए और कोई भी साझेदारी तोड़ने में नाकाम रहे।
इस जीत के साथ RCB ने दूसरी बार WPL का खिताब अपने नाम किया और इतिहास रच दिया। दूसरी ओर दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार फिर से दिल तोड़ने वाली रही। शानदार खेल के बावजूद ट्रॉफी हाथ से फिसल गई।
जिस रात दिल्ली को इतिहास रचना था, उसी रात RCB ने बाजी मार ली। जहां RCB जश्न में डूबी दिखी, वहीं दिल्ली की टीम एक बार फिर यही सोचती रह गई कि जीत कितनी करीब थी… और फिर भी कितनी दूर।
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