पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने साफ शब्दों में कहा है कि वह कांग्रेस के “सिपाही” हैं और हमेशा कांग्रेस के साथ ही रहेंगे।
उन्होंने पार्टी छोड़ने की अटकलों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया। चरणजीत चन्नी यह बयान बरनाला जिले में शहीद सेवा सिंह ठिकरीवाला की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान दे रहे थे।
जब उनसे पार्टी बदलने की चर्चाओं को लेकर सवाल किया गया तो चन्नी ने बेहद साफ अंदाज में कहा, “मैं खुले तौर पर कहता हूं कि अगर चन्नी कभी पार्टी बदलता है तो लोग मुझे वोट न दें।”
उनके इस बयान को कांग्रेस के प्रति उनकी निष्ठा और प्रतिबद्धता के तौर पर देखा जा रहा है। चन्नी ने साफ किया कि वह किसी भी तरह की राजनीतिक अफवाहों से प्रभावित नहीं हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हमेशा जनता की मांग के आधार पर मुद्दे उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा, “जब किसान मुझे बुलाते हैं तो मैं किसानों की बात करता हूं। जब पिछड़े वर्ग के लोग आते हैं तो उनकी समस्याएं उठाता हूं। जब सवर्ण समाज के लोगों ने अपनी शिकायतें रखीं तो मैंने उनके लिए आयोग बनाया।”
चन्नी ने जोर देकर कहा कि उनका मकसद किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए काम करना रहा है।
चन्नी ने कहा कि अपने छोटे से मुख्यमंत्री कार्यकाल में उन्होंने सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि “मेरी सरकार का फोकस समावेशी विकास था। मैंने कभी किसी एक जाति या वर्ग को प्राथमिकता नहीं दी।”
हाल ही में कांग्रेस में दलित प्रतिनिधित्व बढ़ाने को लेकर दिए गए अपने बयान पर उठे विवाद पर भी चन्नी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह उनके राजनीतिक विरोधियों की शरारत है, जो जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “पंजाब अलग-अलग धर्मों और जातियों का गुलदस्ता है। मेरी सोच है कि सभी को साथ लेकर चला जाए।”
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