अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में भारतीय टीम ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित करते हुए इंग्लैंड को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही भारत ने रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई और युवा क्रिकेट में अपनी ताकत का दुनिया को एहसास कराया। फाइनल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, संयम और टीमवर्क साफ तौर पर नजर आया, जिसने इंग्लैंड को मुकाबले में कहीं टिकने नहीं दिया।
मैच की शुरुआत से ही भारत ने दबदबा बना लिया था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया। ओपनिंग जोड़ी ने संभलकर शुरुआत की और नई गेंद के खतरे को समझदारी से टालते हुए टीम को ठोस आधार दिया। मध्यक्रम में बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी निभाई और रन गति को लगातार बनाए रखा। कप्तान की सूझबूझ भरी पारी ने टीम को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया, जबकि निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भी अहम योगदान देकर इंग्लैंड के गेंदबाजों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
भारतीय बल्लेबाजों की खास बात यह रही कि उन्होंने इंग्लैंड के तेज और स्पिन, दोनों तरह के गेंदबाजों को बखूबी खेला। जहां जरूरत पड़ी, वहां सिंगल-दो रन लेकर स्कोरबोर्ड को चलाया गया और मौका मिलते ही चौके-छक्कों से दबाव बढ़ाया गया। निर्धारित ओवरों में भारत ने एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य इंग्लैंड के सामने रखा, जिसने फाइनल के रोमांच को और बढ़ा दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। भारतीय तेज गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए शुरुआती झटके दिए। पावरप्ले के अंदर ही इंग्लैंड ने अपने अहम विकेट गंवा दिए, जिससे उनकी रनचेज की रणनीति बिगड़ गई। इसके बाद भारतीय स्पिनरों ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए रन गति पर पूरी तरह लगाम लगा दी।
मैदान पर भारतीय फील्डिंग भी शानदार रही। चुस्त फील्डिंग और सटीक थ्रो ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को अतिरिक्त रन लेने का मौका नहीं दिया। बीच के ओवरों में विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा और इंग्लैंड की टीम लक्ष्य से लगातार दूर होती चली गई। भारतीय गेंदबाजों ने धैर्य बनाए रखा और बिना किसी जल्दबाजी के अपनी योजनाओं पर अमल किया।
आखिरकार इंग्लैंड की पूरी टीम निर्धारित ओवरों से पहले ही सिमट गई और भारत ने बड़े अंतर से मुकाबला जीत लिया। जैसे ही आखिरी विकेट गिरा, मैदान पर जश्न का माहौल बन गया। भारतीय खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को गले लगाया और डगआउट में बैठे सपोर्ट स्टाफ की खुशी देखते ही बन रही थी। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं थी, बल्कि भारतीय क्रिकेट के मजबूत भविष्य का संकेत भी थी।
इस खिताबी जीत के साथ भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसकी अंडर-19 प्रणाली दुनिया की सबसे मजबूत प्रणालियों में से एक है। लगातार युवा खिलाड़ियों को तैयार करना, उन्हें बड़े मंच के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनाना और दबाव में प्रदर्शन करना—यह सब इस जीत में साफ नजर आया। कप्तान की अगुवाई और कोचिंग स्टाफ की रणनीति ने टीम को पूरे टूर्नामेंट में संतुलित बनाए रखा।
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 की यह जीत आने वाले वर्षों के लिए भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की कहानी कहती है। छठी बार चैंपियन बनकर भारत ने न सिर्फ एक और ट्रॉफी जीती, बल्कि यह भी दिखा दिया कि विश्व क्रिकेट में युवा स्तर पर उसका दबदबा कायम है।
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