पंजाब में एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। राज्य सरकार ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। निलंबन से जुड़े आदेश पंजाब सरकार के कार्मिक विभाग (IAS ब्रांच) की ओर से जारी किए गए हैं। सरकार ने साफ किया है कि यह कार्रवाई ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत की गई है और यह आदेश तुरंत लागू होंगे।
जारी आदेश के अनुसार, आईएएस अधिकारी कमल किशोर यादव को निलंबित किया गया है। वे पंजाब सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव के पद पर तैनात थे। इसके अलावा उनके पास निवेश प्रोत्साहन और सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग से जुड़े विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी थी। सरकार ने उन्हें नियम 3(1) के तहत सस्पेंड किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय चंडीगढ़ रहेगा और उन्हें नियमों के अनुसार गुजारा भत्ता दिया जाएगा।
दूसरी बड़ी कार्रवाई में आईएएस अधिकारी जसप्रीत सिंह को भी सस्पेंड कर दिया गया है। जसप्रीत सिंह पंजाब इंफोटेक (Punjab INFOTECH) के मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उन्हें भी ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय भी चंडीगढ़ में ही रहेगा।
सरकार द्वारा जारी आदेशों में साफ किया गया है कि दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि के दौरान चंडीगढ़ मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कि इसके लिए अलग से इजाजत न दी जाए। इस दौरान उन्हें नियमों के मुताबिक सब्सिस्टेंस अलाउंस यानी गुजारा भत्ता मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगला आदेश आने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी।
इन दोनों आदेशों पर पंजाब सरकार के मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा ने हस्ताक्षर किए हैं। साथ ही इन आदेशों की प्रतिलिपि भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव और संबंधित विभागों को जानकारी और आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। इससे संकेत मिलते हैं कि मामला गंभीर है और आगे जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के निलंबन के बाद पंजाब के प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि सरकार की ओर से निलंबन के कारणों को लेकर अभी कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के पीछे गंभीर प्रशासनिक कारण हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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