पंजाब सरकार ने शुक्रवार को संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती को लेकर सालभर चलने वाले कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत कर दी। यह जयंती अगले साल 20 फरवरी को मनाई जाएगी। इन आयोजनों का शुभारंभ होशियारपुर जिले के खुरालगढ़ स्थित मिनार-ए-बेगमपुरा परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से हुआ।
इस विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, मंत्री बलजीत कौर, होशियारपुर से सांसद राज कुमार चब्बेवाल और आम आदमी पार्टी के पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया शामिल हुए। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां यात्रा के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसका दलित समाज में खासा प्रभाव माना जाता है।
खुरालगढ़ वही स्थान है, जहां गुरु रविदास जी के आने का उल्लेख मिलता है। यहां स्थित 151 फुट ऊंची मिनार-ए-बेगमपुरा गुरु रविदास जी की स्मृति में बनाई गई है। कार्यक्रम के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब को मंच के मध्य स्थापित किया गया, जबकि राजनीतिक नेता और संत महापुरुष दोनों ओर विराजमान रहे। विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने गुरु ग्रंथ साहिब पर चंवर भी किया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मौके पर गुरु रविदास जी को समर्पित कई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार 650वीं जयंती को ऐतिहासिक तरीके से मनाएगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन अगले साल 20 फरवरी को पड़ने वाले गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व तक लगातार चलते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने अपने सभी कैबिनेट मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रमों में किसी तरह की कमी न रहे। बजट की कोई कमी नहीं होगी। विश्वविद्यालयों में सेमिनार, संत समागम, कथा-कीर्तन और धार्मिक सम्मेलन संतों के मार्गदर्शन में आयोजित किए जाएंगे। सरकार सिर्फ आयोजक होगी, असली मार्गदर्शन संत समाज का रहेगा।”
भगवंत मान ने गुरु रविदास जी के संदेश को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भाईचारे और समानता का उपदेश दिया। उन्होंने जातिगत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु रविदास किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि पूरे समाज के गुरु थे और उनकी शिक्षाओं को दुनिया भर में फैलाना हमारी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भेदभाव के बावजूद शिक्षा के बल पर ऊंचाइयां हासिल कीं। इसी सोच के तहत आम आदमी पार्टी की सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने गुरु रविदास जी के स्मारक से जुड़ी विकास परियोजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि खुरालगढ़ में 12 एकड़ क्षेत्र में 142 करोड़ रुपये की लागत से स्मारक का निर्माण किया गया है। इसके अलावा गुरु रविदास जी तपोस्थान गुरुद्वारा में 80.64 लाख रुपये की लागत से ट्यूबवेल और 50 हजार लीटर की पानी की टंकी लगाई गई है।
उन्होंने बताया कि गंगा अमृत कुंड में भी 96 लाख रुपये की लागत से एक और ट्यूबवेल और 75 हजार लीटर की पानी की टंकी का काम चल रहा है, जिसे फरवरी के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही डेरा बल्लां के पास नौगजान गांव में गुरु रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित बाणी अध्ययन केंद्र के लिए 11 एकड़ जमीन 9 करोड़ रुपये में खरीदी गई है।
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि उनकी पार्टी समानता में विश्वास करती है—चाहे वह शिक्षा हो, रोजगार हो या स्वास्थ्य सेवाएं। उन्होंने कहा कि सिर्फ पंजाब ही नहीं, पूरे देश को ऐसी ही शासन व्यवस्था की जरूरत है।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान और मनीष सिसोदिया ने गुरु रविदास जी तपोस्थान गुरुद्वारे और उस पवित्र झरने के भी दर्शन किए, जिसे गुरु रविदास जी के चरण स्पर्श से जुड़ा माना जाता है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, मोहिंदर भगत, डिप्टी स्पीकर जय किशन रौड़ी और आम आदमी पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे।
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