आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सेहत को लेकर सजग रहना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है. बढ़ती उम्र में स्वास्थ्य समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए युवावस्था से ही हेल्दी आदतें अपनाना जरूरी है. खराब जीवनशैली और जंक फूड की आदतें कम उम्र में ही शरीर को बीमार कर देती हैं. ऐसे में योग एक ऐसा उपाय है, जिसे कम समय में किया जा सकता है और इसके लाभ बहुत होते हैं.
अगर 20 की उम्र से ही आप रोजाना कुछ आसान योगाभ्यास करें, तो ये शरीर को मजबूत, लचीला और बीमारियों से लड़ने में सक्षम बना सकता है. आइए जानते हैं कुछ ऐसे योगासन जो युवाओं के लिए बेहद फायदेमंद हैं.
ताड़ासन एक बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली योगासन है. ये शरीर की मुद्रा को सुधारने, रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने और बच्चों व युवाओं की लंबाई बढ़ाने में मदद करता है.
सीधे खड़े होकर दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं. हथेलियां आकाश की ओर रहें. गहरी सांस लेते हुए शरीर को ऊपर की ओर खींचें और एड़ियों को जमीन से उठाएं. कुछ क्षण इसी अवस्था में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस आएं.
शरीर की मुद्रा सुधरती है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है. लंबाई बढ़ाने में सहायक.
बालासन को चाइल्ड पोज भी कहा जाता है. ये योगासन मानसिक तनाव, थकान और चिंता को दूर करता है और मस्तिष्क को शांत करने का काम करता है.
घुटनों के बल बैठें और आगे की ओर झुक जाएं. माथे को जमीन पर रखें और दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाएं. कुछ समय इसी मुद्रा में गहरी सांसें लेते हुए रुकें.
दिमाग शांत होता है. थकान और स्ट्रेस से राहत. शरीर को गहराई से रिलैक्स करता है.
वज्रासन एकमात्र ऐसा योगासन है जिसे भोजन के तुरंत बाद भी किया जा सकता है. ये पाचन को बेहतर करता है और आंतरिक अंगों को मजबूत बनाता है.
घुटनों के बल बैठ जाएं, पीठ सीधी रखें और हथेलियों को घुटनों पर रखें. आंखें बंद करें और धीरे-धीरे गहरी सांस लें.
पाचन तंत्र को मजबूत करता है. कमर दर्द में राहत. ब्लड प्रेशर और एंग्जायटी कम करता है.
त्रिकोणासन शरीर के साइड हिस्सों को खोलने, मांसपेशियों को फैलाने और पाचन को बेहतर करने में सहायक है.
पैरों को 3-4 फीट की दूरी पर फैलाकर सीधे खड़े हों. एक पैर को 90 डिग्री और दूसरे को 45 डिग्री पर घुमाएं. अब एक तरफ झुकते हुए एक हाथ पैर के पास रखें और दूसरा हाथ ऊपर की ओर फैलाएं. गर्दन को ऊपर वाले हाथ की उंगलियों की ओर घुमाएं.
शरीर में लचीलापन आता है. पाचन क्रिया सुधरती है. कमर और गर्दन दर्द में राहत.
भुजंगासन, जिसे कोबरा पोज भी कहते हैं, रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और पीठ के दर्द से राहत देता है. साथ ही, ये पेट की चर्बी को घटाने में भी सहायक होता है.
पेट के बल लेटें, हथेलियों को कंधों के नीचे रखें. सांस लेते हुए सिर और छाती को ऊपर उठाएं, जबकि नाभि जमीन से टिकी हो. कुछ देर इसी स्थिति में रहें और फिर धीरे-धीरे वापस आएं.
पीठ और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है. कमर दर्द से राहत मिलती है. वजन घटाने में मदद मिलती है.
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