जम्मू और कश्मीर के राजौरी जिले में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास डुंगा गली क्षेत्र, केरी सेक्टर में मंगलवार को कई ड्रोन देखे गए। यह घटना पिछले 48 घंटों में दूसरी बार सामने आई है, जिससे सुरक्षा बलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है। ड्रोन की मौजूदगी के कारण सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फायरिंग की और संभावित खतरों की जांच के लिए तलाशी अभियान शुरू किया।
सूत्रों के मुताबिक, ड्रोन इलाके में मंडरा रहे थे, जिसे देखकर सेना ने अपनी मानक सुरक्षा प्रक्रिया के तहत गोलीबारी की। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया कि कहीं ड्रोन द्वारा कोई हथियार या contraband भारतीय क्षेत्र में नहीं गिराया गया हो। सुरक्षा बलों ने इलाके की निगरानी बढ़ा दी है और सभी सैनिक उच्च सतर्कता के साथ तैनात हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह हालिया ड्रोन गतिविधि सेना के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
यह घटना राजौरी सेक्टर में पिछले 48 घंटों में दूसरी बार हुई है। इससे LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) के पास सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत बढ़ गई है। सेना ने बताया कि इस क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण सैनिक और निगरानी प्रणालियां अधिक सक्रिय कर दी गई हैं।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, यह घटना मई पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार है जब इतनी कम अवधि में LoC और IB पर कई ड्रोन देखे गए हैं। ड्रोन कई बार हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते, संवेदनशील इलाकों के ऊपर मंडराते और फिर पाकिस्तान की तरफ लौट जाते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा को और सख्त करने की आवश्यकता है।
सेना ने कहा कि सभी सैनिक पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। सुरक्षा बल इलाके की लगातार निगरानी कर रहे हैं और ड्रोन गतिविधियों को रोकने के लिए उन्नत तकनीकी और मानवीय उपाय लागू किए जा रहे हैं।
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