Delhi Metro Rules : दिल्ली-एनसीआर में अगर किसी चीज ने ट्रैफिक से राहत दी है तो वो है दिल्ली मेट्रो. लेकिन मेट्रो की सुविधाओं का आनंद उठाते हुए अगर आपने एक गलती कर दी, बिना टिकट यात्रा की- तो आपको भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. अब सिर्फ समझाने से काम नहीं चलेगा, डीएमआरसी की सख्ती आपको सीधे कानून के घेरे में ले सकती है.
हर दिन लाखों लोग दिल्ली मेट्रो के जरिए ऑफिस, स्कूल, कॉलेज या घूमने के लिए सफर करते हैं. गर्मी, बरसात और सर्दी तीनों मौसमों में यह मेट्रो एक सुरक्षित और आरामदायक विकल्प बन चुकी है. लेकिन सफर करते वक्त नियमों का पालन करना उतना ही जरूरी है जितना समय पर ट्रेन पकड़ना.
अगर कोई यात्री बिना टिकट या कार्ड के मेट्रो में सफर करता है और पकड़ा जाता है, तो उसे मौके पर ही जुर्माना भरना पड़ता है. ये जुर्माना 200 रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक हो सकता है. ये नियम सिर्फ दिखावे के लिए नहीं हैं- हर स्टेशन पर सीसीटीवी और सुरक्षा स्टाफ आपकी हर गतिविधि पर नजर रखता है.
दिल्ली मेट्रो रेलवे एक्ट 2002 के सेक्शन 59 के तहत, बिना टिकट यात्रा करना सिर्फ जुर्म नहीं बल्कि गैर-जमानती अपराध की कैटेगरी में आता है. यानी सिर्फ जुर्माना ही नहीं, आपकी गिरफ्तारी भी संभव है.
कुछ लोग सोचते हैं कि भीड़ का फायदा उठाकर टिकट चेकिंग से बच सकते हैं, लेकिन अब ऐसा करना आसान नहीं. डीएमआरसी की सिक्योरिटी अब पहले से ज्यादा एक्टिव है और किसी भी तरह की गड़बड़ी तुरंत पकड़ लेती है.
अगर आप दिल्ली मेट्रो में रोज सफर करते हैं तो स्मार्ट कार्ड सबसे सुविधाजनक और सेफ ऑप्शन है. कभी-कभार यात्रा के लिए टोकन ले सकते हैं, लेकिन ये सुनिश्चित करें कि टिकट जरूर हो.
दिल्ली मेट्रो का नियम सीधा है नो टिकट, नो ट्रैवल, सफर आसान और सुरक्षित तभी है जब आप नियमों का पालन करें. बिना टिकट यात्रा कर थोड़ी सी चतुराई दिखाने की कोशिश, आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है.