Cigarette Price Hike 2026: डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार ये सलाह देते हैं कि लोगों को धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए. इसके बावजूद देश में बड़ी संख्या में लोग सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं. अब ऐसे लोगों के लिए एक अहम खबर सामने आ रही है. साल 2026 की शुरुआत से सिगरेट और तंबाकू से जुड़े उत्पाद पहले के मुकाबले महंगे हो सकते हैं.
सरकार की ओर से टैक्स ढांचे में बदलाव किया जा रहा है, जिसका असर सीधे इन उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा. नई सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और अतिरिक्त सेस लगाने की तैयारी है, जिससे तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों की लागत बढ़ेगी और इसका बोझ ग्राहकों की जेब पर आएगा.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स की दरों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. अभी इन उत्पादों पर करीब 54 प्रतिशत तक टैक्स लगता है. नए ढांचे के तहत इसमें 40 प्रतिशत जीएसटी, नई सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और पहले से लागू नेशनल कैलामिटी कंटिन्जेंट ड्यूटी (NCCD) शामिल होगी.
इन सभी टैक्स को मिलाकर कुल टैक्स का बोझ बढ़कर करीब 66 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. यानी कंपनियों को पहले के मुकाबले ज्यादा टैक्स देना होगा, जिसका असर सीधे दामों पर दिखेगा.
सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नई सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और सेस 1 फरवरी 2026 से लागू किए जाने की संभावना है. इसका मतलब ये है कि इस तारीख के बाद बाजार में मिलने वाले तंबाकू उत्पाद पहले के मुकाबले महंगे होंगे.
जो लोग रोजाना या नियमित रूप से सिगरेट का सेवन करते हैं, उन्हें यह बढ़ोतरी साफ तौर पर महसूस होगी.
आमतौर पर बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाली सिगरेट की कीमत करीब 10 रुपये होती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टैक्स बढ़ोतरी के बाद सिगरेट की कीमत में औसतन 30 से 35 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है.
अगर इस अनुमान को देखा जाए तो 10 रुपये की सिगरेट पर करीब 3 से 4 रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है. यानी 1 फरवरी 2026 के बाद वही सिगरेट 13 या 14 रुपये में मिल सकती है. इसी तरह महंगी ब्रांड की सिगरेट पर भी कीमतों में और ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
सिर्फ सिगरेट ही नहीं, बल्कि पान मसाला, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद भी इस टैक्स बढ़ोतरी के दायरे में आएंगे. इन पर भी नई सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और सेस लगाया जाएगा.
इसका मतलब है कि आने वाले समय में पान मसाला और गुटखा खरीदना भी पहले के मुकाबले महंगा हो सकता है. छोटे पैकेट से लेकर बड़े पैक तक, सभी की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है.
बीड़ी पीने वालों के मन में यह सवाल जरूर है कि क्या बीड़ी की कीमत भी बढ़ेगी. फिलहाल सरकार की ओर से जारी जानकारी में बीड़ी को लेकर कोई बड़ा बदलाव नहीं बताया गया है.
वित्त मंत्री ने सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) बिल 2025 पर चर्चा के दौरान कहा था कि बीड़ी पर पहले के मुकाबले कम जीएसटी लगाया गया है, जो 18 प्रतिशत है. यानी फिलहाल बीड़ी की कीमतों में सिगरेट जैसी बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं जताई जा रही है.
सरकार लंबे समय से तंबाकू उत्पादों की खपत कम करने की दिशा में कदम उठाती रही है. कीमतें बढ़ाने का एक मकसद यह भी माना जाता है कि लोग तंबाकू और सिगरेट का सेवन कम करें.
इसके अलावा टैक्स से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सामाजिक योजनाओं में करती है. बढ़ा हुआ टैक्स सरकारी खजाने में अतिरिक्त राजस्व भी जोड़ता है.
जो लोग सिगरेट और तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं, उनके लिए यह समय सोचने का हो सकता है. बढ़ती कीमतें न सिर्फ जेब पर असर डालेंगी, बल्कि यह आदत छोड़ने की एक वजह भी बन सकती हैं.
कुल मिलाकर, 1 फरवरी 2026 से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार में इन उत्पादों के दाम नए स्तर पर पहुंच सकते हैं.
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