या देवी सर्वभूतेषु, शक्ति रूपेण संस्थिता।
हर रूप में है माँ, ममता की सजीव प्रतिमा।
नमन है उस माँ को जो हर दर्द हर लेती,
नवरात्रि की शुभकामनाएं, माँ शक्ति सदा साथ देती।
माँ दुर्गा आई हैं खुशियाँ लाने,
सज गए हैं मंदिर, गूंजे जयकारे।
नवरात्रि का ये पर्व पावन है,
शक्ति, भक्ति और प्रेम का सावन है।
माँ की महिमा अपरंपार,
करो भक्ति, दूर हों संकट सारे।
हर दिन जीवन में उजियारा हो,
नवरात्रि में माँ का नज़ारा हो।
माँ अम्बे का आशीर्वाद बना रहे,
हर संकट आपसे सदा ही दूर रहे।
जीवन में सदा मुस्कान रहे,
नवरात्रि में हर दिन का त्यौहार रहे।
लाल चुनर वाली माँ आई द्वार,
हर भक्त करे उनका जयकार।
माँ की कृपा से नसीब चमके,
हर मनोकामना पूरी करके।
शक्ति का उत्सव है नवरात्रि,
भक्ति का पर्व और प्रेम की ज्योति।
नव दिन नव ऊर्जा लेकर आए,
माँ दुर्गा आपके जीवन को सजाए।
माँ दुर्गा की वंदना से शुरुआत करें,
हर दिन उनके चरणों में प्रार्थना करें।
जीवन में सुख-शांति की बहार हो,
हर ओर माँ का प्यार हो।
माँ के नौ रूपों की पूजा करें,
मन, कर्म और वचन से सेवा करें।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर,
हर दिल में माँ का डेरा हो अमर।
घट स्थापना से शुरू हुआ पर्व,
भक्ति में डूबा हर गांव और शहर।
माँ के चरणों में सब कुछ समर्पित,
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित।
नवरात्रि आई है खुशियाँ लाने,
हर दिल में है माँ के भजन गाने।
रंग-बिरंगी दुनिया सजी है प्यारी,
माँ की कृपा रहे सब पर न्यारी।