बिहार में चुनाव नजदीक आते ही राजनीति गरमा गई है। इस बार चर्चा में हैं कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जिन्होंने चुनाव आयोग पर सीधे-सीधे सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई और अब यही “मैच फिक्सिंग” बिहार में दोहराई जा सकती है।
हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन को भारी जीत मिली – 288 में से 235 सीटें। जबकि कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और NCP (SP) मिलकर भी विपक्ष के नेता की भूमिका तक नहीं पहुँच सके। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा को जिताने के लिए मतदाता सूची में हेरफेर हुई और डुप्लीकेट वोटर ID का इस्तेमाल हुआ।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से सवाल पूछा: अगर कुछ नहीं छुपा रहे हैं तो मशीन-पठनीय डिजिटल मतदाता सूची और 5 बजे के बाद की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करें।
उन्होंने एक लेख में लिखा कि महाराष्ट्र में जो हुआ, वह लोकतंत्र की धांधली की "रिहर्सल" थी, अब वही खेल बिहार में दोहराया जाएगा।
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को "बेतुका" और "झूठा" बताया।
आयोग ने कहा, भारत में चुनाव पूरी पारदर्शिता से होते हैं।
ऐसे आरोप न केवल चुनाव कर्मियों का अपमान है, बल्कि देश की चुनाव प्रणाली पर भी गलत असर डालते हैं।
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी को हार बर्दाश्त नहीं होती और वह जनादेश का अनादर करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार बदनाम कर वह देश में क्या माहौल बनाना चाहते हैं?
भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि राहुल गांधी हार की वजह से बौखलाए हुए हैं और इसीलिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
राजद नेता तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से संवैधानिक संस्थाएं प्रभावित हो गई हैं और चुनाव आयोग की घोषणा से पहले ही भाजपा की आईटी सेल को तारीखें पता चल जाती हैं।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि 2020 के बिहार चुनाव में गिनती रोककर, बाद में दोबारा शुरू की गई थी और विजेताओं को हारा हुआ घोषित किया गया था।
बताते चले कि बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग, भाजपा और विपक्ष के बीच टकराव तेज हो गया है। राहुल गांधी के आरोपों ने राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है, जिसे आने वाले चुनाव में जनता की प्रतिक्रिया तय करेगी।
Copyright © 2026 The Samachaar
