चंडीगढ़ प्रशासन ने भारत की जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। केंद्र शासित प्रदेश में मकानों की सूची तैयार करने और स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की प्रक्रिया के लिए आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शहर में स्व-गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इसके बाद मई महीने में घर-घर जाकर मकानों की सूची तैयार करने का कार्य पूरा किया जाएगा।
यह पूरा कार्यक्रम गृह मंत्रालय के तहत रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के आधार पर तय किया गया है।7 जनवरी 2026 को जारी केंद्रीय अधिसूचना को चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र शासित प्रदेश के असाधारण गजट में दोबारा प्रकाशित किया है। प्रशासन के मुताबिक, स्व-गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी।
इस दौरान नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। इसके तुरंत बाद, 1 मई 2026 से 30 मई 2026 तक पूरे केंद्र शासित प्रदेश में मकानों की सूची तैयार की जाएगी। यह चरण जनगणना की अगली प्रक्रिया के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
स्व-गणना एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें नागरिक खुद अपनी पारिवारिक और आवास संबंधी जानकारी निर्धारित पोर्टल पर भर सकते हैं। इससे डेटा संग्रह की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होती है। सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस प्रक्रिया में भाग लें, ताकि सही और सटीक आंकड़े जुटाए जा सकें। जनगणना किसी भी देश की नीतियों और योजनाओं की नींव मानी जाती है। इससे सरकार को आबादी, आवास, शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक पहलुओं की सही तस्वीर मिलती है।
चंडीगढ़ प्रशासन का यह कदम जनगणना 2027 की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। अब शहरवासियों की जिम्मेदारी है कि वे समय पर अपनी जानकारी दर्ज कर इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में सहयोग करें।
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