अक्सर लोग इसे एक मामूली आदत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं- बैठे-बैठे या सफाई के लिए नाक में उंगली डालना. लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यह साधारण लगने वाली आदत आपके ब्रेन के लिए जानलेवा साबित हो सकती है. हाल ही में डॉक्टर अदितिज धमीजा ने एक केस शेयर किया, जिसमें 21 साल के युवक के मस्तिष्क पर बैक्टीरिया ने कब्जा कर लिया और उसकी स्थिति कोमा जैसी गंभीर अवस्था तक पहुंच गई. कारण था—नाक में बार-बार उंगली डालना.
हमारे चेहरे पर एक खास एरिया होता है जिसे ‘डेंजर ट्राएंगल’ कहा जाता है. यह हिस्सा नाक के ऊपरी हिस्से से शुरू होकर मुंह के दोनों कोनों तक फैलता है और एक त्रिकोण का आकार बनाता है. डॉक्टर बताते हैं कि इस जोन में अगर कोई भी छोटा-सा इन्फेक्शन या बैक्टीरियल संक्रमण होता है, तो यह नसों के जरिए सीधे ब्रेन तक पहुंच सकता है. यही वजह है कि नाक कुरेदना, पिंपल फोड़ना या नाक के बाल तोड़ना बेहद खतरनाक माना जाता है.
डॉक्टर धमीजा का कहना है कि कई सामान्य लगने वाली गलतियां बड़े खतरे को जन्म दे सकती हैं. इनमें शामिल हैं:
बार-बार नाक कुरेदना या उसमें उंगली डालना. नाक के बाल तोड़ना. नाक के अंदर या डेंजर ट्राएंगल में बने पिंपल्स को फोड़ना. फुंसी या फोड़े को छेड़ना.
इन गतिविधियों से बैक्टीरिया आसानी से खून के जरिए दिमाग तक पहुंच सकते हैं, जिससे ब्रेन डैमेज या जानलेवा इंफेक्शन तक हो सकता है.
अगर आप इस आदत से छुटकारा पाना चाहते हैं और खुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो कुछ आसान उपाय अपना सकते हैं:
नाक साफ करने के लिए हमेशा सॉफ्ट टिशू पेपर का इस्तेमाल करें. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर द्वारा सुझाए गए नेजल स्प्रे या ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें. कभी भी गंदे हाथ नाक या चेहरे पर न लगाएं. हाथों को बार-बार धोकर साफ रखें. अगर आंखों के पीछे दर्द, सूजन या तेज बुखार जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
नाक में उंगली डालना भले ही बचपन से चली आ रही एक कॉमन आदत लगे, लेकिन इसके नतीजे बेहद खतरनाक हो सकते हैं. डॉक्टरों के अनुसार यह आदत आपको सीधे ब्रेन इंफेक्शन और स्थायी डैमेज तक पहुंचा सकती है. इसलिए इस छोटी-सी आदत को हल्के में न लें और अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहें.
Copyright © 2026 The Samachaar
