इंदौर की सोनम रघुवंशी और राजा रघुवंशी की शादी 11 मई को हुई थी. सब कुछ ठीक लग रहा था. नई शादी, हनीमून की प्लानिंग और एक खुशनुमा शुरुआत. लेकिन सिर्फ 12 दिन बाद कहानी ने करवट ली और 23 मई को सोनम-राजा दोनों मेघालय में रहस्यमय तरीके से लापता हो गए. यह मामला शुरू में 'लापता दंपती' का लग रहा था, लेकिन 2 जून को राजा की लाश मिलने के बाद एक डरावनी साजिश सामने आई. पत्नी ने ही पति की हत्या करवाई थी, और वो भी अपने प्रेमी के साथ मिलकर.
जांच में सामने आया कि सोनम लगातार एक शख्स से बात कर रही थी, जिसका नाम उसने फोन में 'संजय वर्मा' सेव कर रखा था. लेकिन असल में यह शख्स राज कुशवाहा था. वही राज, जो सोनम का प्रेमी है और इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड भी. 1 मार्च से 8 अप्रैल के बीच सोनम और राज उर्फ संजय वर्मा के बीच 234 कॉल्स हुईं. हर कॉल 30 से 60 मिनट लंबी होती थी. कॉल डिटेल्स से पता चला कि दोनों की बातचीत शादी के पहले और बाद तक लगातार जारी थी.
मेघालय पुलिस ने बताया कि सोनम ने राजा की हत्या के लिए तीन शूटर. आकाश राजपूत, विशाल चौहान और आनंद कुर्मी को हायर किया था.इनमें से पहले किस्त की पेमेंट सोनम के चचेरे भाई जितेन्द्र रघुवंशी ने की थी. राजा की हत्या के बाद सोनम खुद गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में दिखाई दी और 8 जून को नंदगंज थाने में सरेंडर कर दिया. उसी दिन तीनों सुपारी किलर को यूपी, इंदौर और सागर से गिरफ्तार कर लिया गया.
बाद में राज कुशवाहा को भी पकड़ा गया. सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने साफ कहा कि उन्हें "संजय वर्मा" नाम के किसी व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. अब जब सच सामने आ गया है, उन्होंने कहा कि 'हमने सोनम से हर रिश्ता खत्म कर लिया है. हम राजा के परिवार के साथ हैं और उन्हें इंसाफ दिलाने में पूरा साथ देंगे.
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