कम नींद लेकर बन रहे हैं स्मार्ट? दिल का दौरा, डिप्रेशन और समय से पहले बुढ़ापा कर रहा है इंतजार! जानें

Health Tips: आज की अनहेल्दी लाइफस्टाइल और देर रात तक मोबाइल चलाने की आदत ने नींद की गुणवत्ता को खराब कर दिया है. सिर्फ 2-3 घंटे की नींद शरीर और दिमाग को ठीक से रिचार्ज नहीं कर पाती, जिससे दिल की बीमारियां, डिप्रेशन और मोटापा जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, वयस्कों को रोजाना 6-8 घंटे की नींद ज़रूरी है. अच्छी नींद ही बेहतर मानसिक और शारीरिक सेहत की चाबी है.

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आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और देर रात तक मोबाइल चलाने की आदत ने हमारी नींद पर गहरी चोट पहुंचाई है. लोग इसे सामान्य समझते हैं, लेकिन कम नींद धीरे-धीरे शरीर और दिमाग दोनों पर गंभीर असर डालती है. नींद सिर्फ थकान मिटाने के लिए नहीं, बल्कि शरीर को रिपेयर और रिचार्ज करने के लिए बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि कम नींद लेने की आदत से आपकी सेहत पर क्या-क्या असर पड़ सकता है.

अनहेल्दी लाइफस्टाइल से बिगड़ती नींद की आदतें

आजकल बहुत से लोग रात 2-3 बजे तक फोन चलाते हैं, नेटफ्लिक्स देखते हैं या लैपटॉप पर काम करते हैं. इस वजह से शरीर की स्लीप साइकिल पूरी तरह गड़बड़ा जाती है, जिससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित होती है.

सिर्फ 2-3 घंटे की नींद नहीं है पर्याप्त

बहुत से लोग सोचते हैं कि कम नींद से समय बचता है, लेकिन असल में यह शरीर के लिए बहुत नुकसानदेह है. 2-3 घंटे की नींद से न तो मस्तिष्क ठीक से रिचार्ज हो पाता है और न ही शरीर. कम नींद लेने से हृदय को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. रिसर्च भी साबित करती हैं कि जो लोग कम सोते हैं, उनमें हृदय रोग की संभावना ज़्यादा होती है.

डिप्रेशन और मानसिक अस्थिरता

अच्छी नींद मस्तिष्क के रिस्टार्ट बटन की तरह होती है. नींद पूरी न होने से मूड स्विंग, चिंता और डिप्रेशन जैसी मानसिक परेशानियां शुरू हो जाती हैं. कई बार इसका पता लोगों को तब चलता है जब स्थिति गंभीर हो चुकी होती है.

स्किन हेल्थ पर पड़ता है गहरा असर

अगर आप समय से पहले उम्रदराज़ दिखने लगे हैं, तो इसकी वजह कम नींद भी हो सकती है. नींद की कमी से त्वचा पर डार्क सर्कल, पिंपल्स और झुर्रियां जल्दी आने लगती हैं. नींद पूरी न होने से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं, जिससे आप ज़रूरत से ज़्यादा खाते हैं. इसका सीधा असर आपके वजन पर पड़ता है और मोटापा बढ़ने लगता है.

कम नींद लेने से आपकी सोचने-समझने की शक्ति कमजोर हो जाती है. मेंटल स्ट्रेस बढ़ता है, जिससे चिड़चिड़ापन, गुस्सा और एकाग्रता की कमी होने लगती है.

कितनी नींद है जरूरी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों को 10-12 घंटे और वयस्कों को कम से कम 6-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए. इससे न केवल शरीर स्वस्थ रहेगा बल्कि मानसिक रूप से भी आप फिट रहेंगे. नींद को हल्के में लेना आपकी सबसे बड़ी भूल हो सकती है. यह एक ऐसी दवा है जो बिना खर्च किए, आपको सेहतमंद रखती है. इसीलिए मोबाइल और टीवी को किनारे रखें और अपनी नींद को प्राथमिकता दें. याद रखिए, अच्छी नींद ही अच्छी जिंदगी की चाबी है.

(Disclaimer: यह स्टोरी सामान्य जानकारियों पर आधारित है. किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या में विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.)