Silver Bracelet Wearing Rule: ज्योतिष शास्त्र में चांदी को बहुत ही जरूरी माना गया है. चांदी का संबंध चंद्र और शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है. चंद्रमा मानसिक शांति और सोच का प्रतीक है, जबकि शुक्र ग्रह सुख, वैभव और समृद्धि का कारक माना जाता है. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में ये दोनों ग्रह मजबूत होते हैं, तो उसका जीवन संतुलित और सुखी रहता है. इसी वजह से लोग चांदी के कड़े या आभूषण पहनकर अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रयास करते हैं.
ज्योतिष के अनुसार, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए चांदी का कड़ा पहनना विशेष लाभकारी माना गया है. ये तीनों राशियां जल तत्व से संबंधित हैं और चांदी भी जल तत्व से जुड़ी मानी जाती है. इसलिए इन राशियों के जातकों को चांदी के कड़े पहनने से मानसिक शांति, जीवन में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिलते हैं.
चंद्रमा और शुक्र ग्रह का प्रभाव इन राशि वालों पर विशेष रूप से सकारात्मक रहता है. चांदी का कड़ा पहनने से मन और सोच में स्पष्टता आती है, संबंधों में सामंजस्य बढ़ता है और जीवन में आर्थिक और मानसिक स्थिरता बनी रहती है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मेष, सिंह और धनु राशि के जातकों को चांदी या चांदी का कड़ा नहीं पहनना चाहिए. इन राशि वालों के लिए चांदी का आभूषण पहनना अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से मानसिक तनाव, आर्थिक हानि और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसलिए इन राशि के लोग चांदी के कड़े से दूर रहें और अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए अन्य उपाय अपनाएं.
चांदी का कड़ा पहनने के लिए ज्योतिष में सोमवार और शुक्रवार को सबसे शुभ दिन माना गया है. पुरुषों को चांदी का कड़ा दाहिने हाथ में पहनना चाहिए, जबकि महिलाओं के लिए इसे बाएं हाथ में पहनना लाभकारी होता है. साथ ही ध्यान रखें कि कड़ा साफ और चमकदार हो, क्योंकि गंदा या पुराना कड़ा शुभता को कम कर सकता है.
ज्योतिष के अनुसार चांदी का कड़ा केवल आभूषण नहीं है, बल्कि यह जीवन में मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने का साधन भी माना जाता है. सही राशि और सही हाथ में चांदी का कड़ा पहनने से इसके प्रभाव और लाभ अधिक मिलते हैं. इसलिए अपने ग्रह और राशि अनुसार चांदी के आभूषण का चयन करना बुद्धिमानी होती है.
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