पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए विशेष अभियान में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से सात आधुनिक और अवैध पिस्तौलें बरामद की गई हैं, जिनमें विदेशी हथियार भी शामिल हैं। इस कार्रवाई को पंजाब में अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से जो हथियार बरामद हुए हैं, वे बेहद खतरनाक और आधुनिक हैं। इनमें शामिल हैं-
ग्लॉक पिस्तौल
बेरेटा पिस्तौल
जिगाना पिस्तौल
.30 बोर की पिस्तौलें
ये सभी हथियार अवैध थे और किसी भी प्रकार का लाइसेंस इनके पास नहीं था। ऐसे हथियार आमतौर पर संगठित अपराध, गैंगवार और आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाते हैं।
पुलिस को पहले से ही इन तस्करों की गतिविधियों को लेकर खुफिया इनपुट मिला हुआ था। इसी सूचना के आधार पर अमृतसर पुलिस ने योजना बनाकर यह ऑपरेशन चलाया। संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और सही समय पर कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि अगर समय रहते यह कार्रवाई नहीं होती, तो ये हथियार किसी बड़ी वारदात में इस्तेमाल हो सकते थे।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों तस्कर पाकिस्तान में बैठे हथियार सप्लायरों के सीधे संपर्क में थे। ये आरोपी सीमा पार से अवैध हथियारों की सप्लाई में शामिल थे।
जांच में यह भी पता चला है कि हथियारों की तस्करी के लिए आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचा जा सके। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये हथियार किन-किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे।
इस मामले में अमृतसर के कैंटोनमेंट पुलिस स्टेशन में शस्त्र अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
पुलिस अब इनके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संपर्कों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि इनके तार किसी बड़े गिरोह या गैंग से तो नहीं जुड़े हैं।
डीजीपी गौरव यादव ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट कहा कि पंजाब पुलिस अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि पंजाब को सुरक्षित रखा जा सके।
पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और इसकी पाकिस्तान के साथ लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। इस सीमा का गलत फायदा उठाकर पाकिस्तान से नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की तस्करी की कोशिशें की जाती रही हैं।
इन तस्करों द्वारा ड्रोन, सीमावर्ती रास्तों और अन्य आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि सुरक्षा एजेंसियों को चकमा दिया जा सके।
नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों की तस्करी का सीधा असर पंजाब के युवाओं और सामाजिक ढांचे पर पड़ता है। ड्रग्स के जरिए युवाओं को नशे की लत में धकेला जाता है, जबकि हथियारों की आपूर्ति से अपराध और हिंसा बढ़ती है।
इसी खतरे को देखते हुए बीएसएफ, पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर लगातार सख्त कदम उठा रही हैं।
पंजाब पुलिस ने साफ कर दिया है कि राज्य में अवैध हथियारों, ड्रग्स और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढील नहीं दी जाएगी। आने वाले दिनों में ऐसे और भी अभियान चलाए जाएंगे, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।
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