वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय पाल सिंह बंगा इन दिनों पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के खुशाब ज़िले में स्थित अपने पुश्तैनी घर का दौरा किया। यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि भावनाओं, यादों और सांस्कृतिक जुड़ाव से भरा एक खास पल भी रही।
अजय बंगा खुशाब शहर की उस जगह पहुंचे, जिसे ‘गली सिखां वाली’ कहा जाता है। खुशाब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में झेलम नदी के पास स्थित है और सरगोधा व मियांवाली के बीच पड़ता है। यह इलाका “सिटी ऑफ सोल्जर्स” के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में लोग सेना में गए हैं।
यह वही जगह है, जहां अजय बंगा के पिता हरभजन सिंह बंगा का बचपन बीता था। हरभजन सिंह बंगा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रह चुके हैं।
अजय बंगा के पहुंचने पर उनका स्वागत एवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) के चेयरमैन कमर जमान, श्राइंस विभाग के अतिरिक्त सचिव नासिर मुश्ताक और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने किया।
नासिर मुश्ताक ने बताया कि बंगा को यहां “मिट्टी का बेटा” मानकर सम्मान दिया गया। जब वह उस हवेली में पहुंचे, जहां उनके पूर्वज रहा करते थे, तो माहौल काफी भावुक हो गया।
स्थानीय प्रशासन की ओर से अजय बंगा को उनके पुश्तैनी मकान के मूल राजस्व रिकॉर्ड की एक कॉपी भी भेंट की गई। यह एक यादगार तोहफे के रूप में दिया गया, ताकि वे अपनी जड़ों को हमेशा याद रख सकें।
नासिर मुश्ताक के अनुसार, यह दौरा शांति, भाईचारे और सांस्कृतिक संबंधों का मजबूत संदेश देता है।
अजय बंगा ने पास ही स्थित सिख धार्मिक स्थल गुरुद्वारा सिंह सभा का भी दौरा किया। यह गुरुद्वारा भी ETPB द्वारा ही संरक्षित और संचालित किया जा रहा है।
बताया गया कि वर्ष 1939 में अजय बंगा के दादा ईशर सिंह और चाचा करतार सिंह ने अपनी माता की स्मृति में इस गुरुद्वारे के निर्माण में दान दिया था। आज भी वहां संगमरमर की एक पट्टिका मौजूद है, जिस पर उनके नाम और योगदान दर्ज हैं।
प्रशासन ने बंगा को उस संगमरमर पट्टिका की एक प्रतिकृति और गुरुद्वारे का थ्री-डी मॉडल भेंट किया। इसके अलावा, गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती पर जारी एक विशेष स्मृति सिक्का भी उन्हें दिया गया।
नासिर मुश्ताक ने अजय बंगा को पाकिस्तान में सिख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा, रखरखाव और पुनर्स्थापन के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी।
अजय बंगा 1 फरवरी को पाकिस्तान पहुंचे थे। अपने चार दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ, वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
इन बैठकों में पाकिस्तान को लंबे समय तक आर्थिक सहायता देने की शर्तों पर चर्चा हुई। प्रस्तावित कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क के तहत पाकिस्तान को अगले 10 वर्षों में करीब 20 अरब डॉलर की मदद मिल सकती है, बशर्ते वह प्रशासनिक सुधार, टैक्स व्यवस्था और संस्थागत बदलावों पर सख्ती से अमल करे।
अपने दौरे के दौरान अजय बंगा अपनी पत्नी अनीता बंगा के साथ हसन अब्दाल स्थित प्रसिद्ध सिख तीर्थ गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब भी गए। इसके अलावा उन्होंने रावलपिंडी के तक्षशिला संग्रहालय का भी भ्रमण किया।
यह यात्रा न सिर्फ आर्थिक और कूटनीतिक दृष्टि से अहम रही, बल्कि भारत-पाक साझा विरासत और इंसानी रिश्तों की एक मजबूत झलक भी पेश करती है।
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