पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को लेकर एक अहम उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक का उद्देश्य इस ऐतिहासिक बलिदान को प्रदेश और देश की नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उसे भव्यता के साथ मनाने की रूपरेखा तैयार करना था.
इस महत्वपूर्ण बैठक में पंजाब सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे. कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, हरजोत सिंह बैंस, डॉ. बलबीर सिंह, लाल चंद कटारूचक्क, मोहितर भगत, रवजोत सिंह, तरुणप्रीत सिंह सौंद और डॉ. बलजीत कौर बैठक में विशेष रूप से शामिल हुए. बैठक में 350वें शहादत दिवस से जुड़े सभी कार्यक्रमों की योजना, व्यवस्थाएं और जनभागीदारी जैसे पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस अवसर पर कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान न केवल सिख इतिहास, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने कहा कि सरकार इस महान शहीदी दिवस को राज्य स्तरीय श्रद्धांजलि समारोह के रूप में मनाएगी ताकि यह पीढ़ियों तक याद रखा जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस आयोजन को समर्पण और गरिमा के साथ सफल बनाया जाए.
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल एक समारोह तक सीमित नहीं है, बल्कि गुरु साहिब के बलिदान की भावना को शिक्षण संस्थानों, सामुदायिक कार्यक्रमों, और डिजिटल मीडिया के जरिए हर युवा तक पहुंचाया जाएगा. कार्यक्रमों में धार्मिक संगतों के अलावा, छात्रों, इतिहासकारों और सांस्कृतिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
सरकार इस ऐतिहासिक अवसर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में भी काम कर रही है. विदेशों में रह रही पंजाबी और सिख संगत को भी इसमें जोड़ा जाएगा ताकि गुरु तेग बहादुर जी का शौर्य और मानवता के लिए दिया गया बलिदान दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचे. इस तरह पंजाब सरकार का यह कदम न केवल श्रद्धांजलि है, बल्कि एक पीढ़ियों को जोड़ने वाला भावनात्मक और ऐतिहासिक प्रयास भी है.
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