भारत-पाक तनाव के दौरान पाकिस्तान ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और पंजाब के अन्य शहरों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाने की साजिश रची थी. हालांकि भारतीय सेना की सतर्कता और एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती ने पाकिस्तान की इस नापाक चाल को पूरी तरह नाकाम कर दिया.
15 इंफेंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल कार्तिक सी. शेषाद्रि ने सोमवार को बताया कि इंटेलिजेंस से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान का मुख्य निशाना स्वर्ण मंदिर था. सेना ने समय रहते आधुनिक एयर डिफेंस हथियार जैसे आकाश मिसाइल सिस्टम और एल-70 एयर डिफेंस गन की तैनाती कर दी थी, जिससे पूरे इलाके को हवाई सुरक्षा कवच मिल सका.
उन्होंने कहा, 'हम जानते थे कि पाकिस्तान सेना के पास वैध सैन्य लक्ष्य नहीं हैं, इसलिए उन्होंने हमारे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की योजना बनाई. 8 मई की सुबह अंधेरे में पाकिस्तान ने ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों के जरिए हमला किया, लेकिन हमारी तैयारियों के कारण एक भी हमला लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका. स्वर्ण मंदिर को एक खरोंच तक नहीं आई.'
पाकिस्तान की इस हरकत से पहले 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिसके बाद भारत ने कड़ा जवाब देते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया. इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ढांचों को लक्ष्य बनाकर नौ ठिकानों पर हमले किए. इनमें से सात को पूरी तरह सेना ने तबाह कर दिया.
इन हमलों में लाहौर के पास स्थित लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय मुरिदके और बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का ठिकाना भी शामिल था. मेजर जनरल शेषाद्रि ने कहा कि हमने जानबूझकर पाक सेना या आम नागरिकों के ढांचों को निशाना नहीं बनाया. भारत की एयर डिफेंस प्रणाली ने संकट के इस समय में अपने कौशल और विश्वसनीयता का प्रदर्शन किया, जिससे यह साबित हो गया कि भारत किसी भी चुनौती के लिए तैयार है.
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