पूर्व केंद्रीय मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखदेव सिंह ढींडसा का बुधवार शाम मोहाली में 89 साल की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे और मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार, 30 मई को किया जाएगा।
सुखदेव सिंह ढींडसा का जन्म 9 अप्रैल 1936 को पंजाब के संगरूर जिले के उभवाल गांव में हुआ था। उन्होंने गवर्नमेंट रणबीर कॉलेज, संगरूर से स्नातक की पढ़ाई की थी। वे 1972, 1977, 1980 और 1985 में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बने। उन्होंने पंजाब सरकार में परिवहन, खेल, पर्यटन, संस्कृति और नागरिक उड्डयन विभागों के मंत्री के रूप में काम किया।
वे 1998 से 2004 और फिर 2010 से 2022 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे। 2004 से 2009 तक वे संगरूर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उन्होंने रसायन और उर्वरक मंत्रालय तथा खेल मंत्रालय का कार्यभार संभाला।
अन्य प्रमुख बातें पार्टी से मतभेदों के चलते उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई थी, लेकिन मार्च 2024 में उन्होंने इसे फिर से शिरोमणि अकाली दल में मिला दिया।
2019 में उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया, लेकिन 2020 में किसान आंदोलन के समर्थन में उन्होंने यह सम्मान लौटा दिया था।
पिछले साल उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से धार्मिक सजा भी दी गई थी, जिसके तहत उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर स्वर्ण मंदिर के द्वार पर पहरेदारी की थी।
सुखदेव सिंह ढींडसा को अकाली राजनीति का एक मजबूत स्तंभ माना जाता था। वे प्रकाश सिंह बादल के बाद अकाली दल में सबसे वरिष्ठ नेता माने जाते थे।
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