पंजाब सरकार ने ड्रग्स और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षाबंधन के दिन मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तरनतारन में अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम का उद्घाटन किया। इससे पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसके पास अपना खुद का एंटी-ड्रोन सिस्टम है।
यह सिस्टम खासतौर पर पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन के जरिए होने वाली नशा और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए तैयार किया गया है। पंजाब सरकार ने इस तकनीक पर 51.41 करोड़ रुपये खर्च कर 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदे हैं। ये सिस्टम ड्रोन और उसके कंट्रोल स्टेशन की सही लोकेशन ढूंढ सकते हैं, रीयल-टाइम मैप पर अलर्ट भेज सकते हैं और खतरे की चेतावनी भी दे सकते हैं।
इस सिस्टम को चलाने के लिए सीमावर्ती जिलों के 50 पुलिसकर्मियों को खास प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें ऑपरेशन और फील्ड उपयोग के बारे में विस्तार से सिखाया गया। यह तकनीक न केवल तस्करी रोकने में मदद करेगी बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भी सुरक्षा को मजबूत करेगी।
पंजाब पुलिस ने पिछले कुछ सालों में ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी पर सख्त कार्रवाई की है। 2022 से 15 जुलाई 2025 तक पुलिस ने 591 ड्रोन जब्त किए हैं, जिनसे 932 किलो हेरोइन, 263 पिस्तौल, 14 AK-47, 66 हैंड ग्रेनेड और 15 किलो RDX बरामद किया गया। इस दौरान 22,000 से ज्यादा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार ने 596 सीमावर्ती गांवों में निगरानी नेटवर्क बनाया है, जिसमें स्थानीय लोग, रिटायर्ड सैनिक और पुलिसकर्मी शामिल हैं। डिजिटल मैपिंग, बीट बुक रिकॉर्ड और व्हाट्सएप पर फटाफट सूचना देने की व्यवस्था भी बनाई गई है। BSF और पंजाब पुलिस मिलकर ड्रोन पर कड़ी नजर रख रही हैं, जिससे पंजाब तस्करी के खिलाफ सुरक्षा का एक मजबूत मॉडल बन रहा है।
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