पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था. इस अभियान से लोगों को उम्मीद थी कि गांवों में नशा कम होगा और हालात सुधरेंगे. लेकिन शुतराणा से जो खबरें सामने आ रही हैं, वे चिंता बढ़ाने वाली हैं. यहां के कुछ गांवों में नशे की समस्या अभी भी गंभीर बताई जा रही है.
ग्रामीणों का कहना है कि नशे की वजह से चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं. खासकर किसानों के खेतों से मोटरों की तारें चोरी हो रही हैं. इससे किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. मोटर की तार चोरी होने से खेतों में पानी लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे फसल पर असर पड़ता है. लोगों का कहना है कि यह सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि किसान की कमाई पर सीधा वार है. हालात इतने खराब बताए जा रहे हैं कि गांव के लोगों को गुरु घर में अनाउंसमेंट कर युवाओं से नशा छोड़ने की अपील करनी पड़ रही है.
इस मामले में जारी एक बयान में गुरचरण सिंह ने कहा है कि अगर गांवों में नशा खुलेआम बिक रहा है और अपराध बढ़ रहे हैं, तो इसे प्रशासन की नाकामी माना जा सकता है. उनका कहना है कि अभियान सिर्फ नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर असर दिखना चाहिए. ग्रामीणों का भी कहना है कि अगर अपने ही गांव में कानून-व्यवस्था कमजोर दिखे तो लोगों का भरोसा टूटने लगता है.
गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नशा बेचने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो. रात में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि चोरी की घटनाएं रुक सकें. जिन किसानों को नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा दिया जाए.
इसके साथ ही गांव स्तर पर नशा मुक्ति कमेटी बनाने की भी मांग की गई है, ताकि लोग मिलकर युवाओं को नशे से दूर रख सकें. ग्रामीणों का कहना है कि यह राजनीति का मुद्दा नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा सवाल है.
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