Punjab Election 2027: आगामी 2027 के चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी सियासी गतिविधियों में तेजी ला दी है. पार्टी नेतृत्व अब संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है. इसी कड़ी में आज पंजाब कांग्रेस भवन में एक महत्वपूर्ण और लंबी बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें भविष्य की चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी.
यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ समय से पार्टी को अंदरूनी मतभेदों और संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था.
इस अहम बैठक की अगुवाई पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग करेंगे. दोनों नेता संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं.
बैठक में जिला अध्यक्षों के अलावा युवा, महिला और अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है. पार्टी का मानना है कि यदि जिला और बूथ स्तर पर संगठन मजबूत होगा, तभी चुनावों में सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.
बैठक में 2022 विधानसभा चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों और मौजूदा विधायकों को भी बुलाया गया है. उद्देश्य यह है कि पिछले चुनावों के अनुभवों से सीख लेकर आगामी रणनीति बनाई जाए. पार्टी नेतृत्व चाहता है कि जिन क्षेत्रों में कमजोर प्रदर्शन रहा, वहां विशेष ध्यान दिया जाए और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद बढ़ाया जाए.
नेताओं का मानना है कि जमीनी फीडबैक के आधार पर बनाई गई रणनीति ज्यादा प्रभावी साबित होती है. इसी कारण बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया जा रहा है.
हाल ही में पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं की सार्वजनिक बयानबाजी चर्चा में रही थी. इसके बाद हाईकमान ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे के खिलाफ बोलना संगठन को कमजोर करता है.
अब इस सख्ती का असर दिखाई देने लगा है. नेता संगठनात्मक बैठकों और जनसंपर्क अभियानों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. पार्टी की कोशिश है कि आंतरिक मतभेदों को सीमित रखते हुए जनता के मुद्दों पर फोकस किया जाए.
कांग्रेस का मानना है कि चुनावी जीत की नींव बूथ स्तर पर ही रखी जाती है. इसलिए कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने, मतदाताओं से सीधा संपर्क बढ़ाने और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने की योजना बनाई जा रही है.
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले समय में सभी दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे रहेंगे. ऐसे में कांग्रेस की यह पहल चुनावी तैयारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
Copyright © 2026 The Samachaar
