महाशिवरात्रि के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ नगर निगम ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. 15 फरवरी 2026, रविवार को शहर की सीमा में आने वाले सभी मीट की दुकानें और बूचड़खाने पूरी तरह बंद रहेंगे. यह निर्णय धार्मिक भावनाओं के सम्मान और त्योहार की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है. नगर निगम का मानना है कि इस दिन शहर में आध्यात्मिक और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना प्राथमिकता है.
चंडीगढ़ नगर निगम के कमिश्नर अमित कुमार द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए गए हैं. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नगर निगम क्षेत्र के सभी लाइसेंसधारक दुकानदार, रेहड़ी-पटरी संचालक, थोक और खुदरा मांस विक्रेता तथा बूचड़खाना संचालक 15 फरवरी को अपना कारोबार पूरी तरह बंद रखेंगे.
यह निर्णय मेयर सौरभ जोशी के निर्देशों पर लिया गया है. प्रशासन का कहना है कि महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख धार्मिक पर्व पर शहर में सौहार्दपूर्ण और शांत माहौल बनाए रखना आवश्यक है.
नगर निगम प्रशासन ने संबंधित विभागों और स्वास्थ्य शाखा को निर्देश दिए हैं कि आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए. मेडिकल ऑफिसर (स्वास्थ्य) की ओर से आदेश की प्रतियां सभी संबंधित विभागों को भेजी जा चुकी हैं, ताकि निगरानी में किसी तरह की ढिलाई न हो.
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति 15 फरवरी को मीट बेचता या बूचड़खाना संचालित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है.
महाशिवरात्रि के दिन नगर निगम की विशेष टीमें शहर के विभिन्न बाजारों और प्रमुख क्षेत्रों में निरीक्षण करेंगी. इन टीमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आदेशों का पूरी तरह पालन हो.
नगर निगम ने व्यापारियों और नागरिकों से सहयोग की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल एक दिन के लिए है और इसका उद्देश्य सभी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना है, ताकि त्योहार शांति और श्रद्धा के साथ मनाया जा सके.
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