आम आदमी पार्टी के नेता सतविंदर पाल सिंह उर्फ लक्की ओबराय की हत्या को लेकर पुलिस जांच में लगातार नए और सनसनीखेज तथ्य सामने आ रहे हैं. शुरुआती जांच में जहां इसे आपसी रंजिश से जुड़ा मामला माना जा रहा था, वहीं अब पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस हत्या की वजह कहीं ज्यादा गंभीर और संवेदनशील है.
पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड की जड़ में किसी राजनीतिक विवाद से ज्यादा व्यक्तिगत कारण सामने आए हैं. बताया जा रहा है कि लक्की ओबराय ने विदेश में रहने वाले तस्कर जोगा फोल्डीवाल के घर जाकर उसकी मां के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया था. इसी घटना के बाद बदले की भावना ने इस साजिश को जन्म दिया. पुलिस मान रही है कि यही घटना हत्या का टर्निंग पॉइंट साबित हुई.
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि लक्की ओबराय पर गोलियां चलाने वाला शूटर होशियारपुर का रहने वाला है. यह शूटर पहले भी एक चर्चित बिल्ला हत्याकांड में शामिल रह चुका है. दोनों मामलों में इस्तेमाल हथियारों और फायरिंग पैटर्न की समानता ने पुलिस को अहम सुराग दिए हैं. पुलिस का कहना है कि हत्या पूरी तरह पेशेवर अंदाज में की गई.
सूत्रों के मुताबिक, लक्की ओबराय और जोगा फोल्डीवाल कभी अच्छे दोस्त थे. दोनों के बीच नशे और पैसों को लेकर विवाद बढ़ता गया. बाद में जोगा विदेश चला गया, जबकि लक्की ने राजनीति में कदम रखकर आम आदमी पार्टी जॉइन कर ली. पुराने विवाद और पारिवारिक अपमान ने इस रिश्ते को दुश्मनी में बदल दिया.
इस मामले में एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया लक्की ओबराय का नौकर शमिंदर सिंह उर्फ शिगरी भी पुलिस की जांच के दायरे में है. वह नशे का आदी बताया जा रहा है और पहले कबड्डी खिलाड़ी रह चुका है. पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद उसी ने शूटर को स्कूटी पर बैठाकर मौके से फरार कराया था. उसके खिलाफ पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी दर्ज है.
गौरतलब है कि 6 फरवरी की सुबह करीब 7:36 बजे गुरु नानक मॉडल टाउन में गुरुद्वारे के बाहर थार गाड़ी में बैठे लक्की ओबराय को नौ गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई है. फिलहाल पुलिस इसे सुनियोजित हत्या मानते हुए फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है.
Copyright © 2026 The Samachaar
