Bus Strike In Punjab: पंजाब में सरकारी बस सेवाएं लगातार दूसरे दिन भी ठप रहीं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की यूनियन ने हड़ताल का ऐलान किया था, जिसके बाद बुधवार दोपहर से बसों का संचालन बंद कर दिया गया. यह आंदोलन आज भी जारी है.
पीआरटीसी के ठेका कर्मचारियों की हड़ताल के कारण 12 फरवरी को कई बड़े रूटों पर बसें नहीं चलीं. इससे ऑफिस जाने वाले लोग, छात्र और खासकर महिलाएं परेशान हुईं. सरकारी बसों में महिलाओं का सफर मुफ्त होता है, इसलिए वे ज्यादा इन्हीं बसों से यात्रा करती हैं. बसें बंद होने के कारण अब उन्हें दूसरे साधनों से सफर करना पड़ रहा है.
हड़ताली कर्मचारियों ने आज संगरूर में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने की घोषणा की है. इसके मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटा जा सके.
कर्मचारी यूनियन का आरोप है कि बुधवार रात से ही उनके प्रदेश अध्यक्ष और राज्य कमेटी के सदस्यों के घरों पर दबिश दी जा रही है. कुछ नेताओं को मुक्तसर साहिब और फिरोजपुर में हिरासत में भी लिया गया है. यूनियन का कहना है कि यह कदम उनकी आवाज दबाने की कोशिश है. वहीं प्रशासन की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
बुधवार को दोपहर 12 बजे परिवहन विभाग के सचिव के साथ कर्मचारियों की बैठक हुई, जो करीब छह घंटे चली. हालांकि बातचीत में किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन सकी. यूनियन नेताओं ने पहले गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग उठाई, लेकिन समाधान नहीं निकल पाया. इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया.
बसों के बंद रहने से प्रदेश भर में यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. निजी बसों और अन्य वाहनों में भीड़ बढ़ गई है, जिससे किराए और असुविधा दोनों में इजाफा हुआ है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में हालात और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं.
फिलहाल सभी की नजरें सरकार और कर्मचारी यूनियन के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हैं, ताकि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था सामान्य हो सके.
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