Boycott Turkey: भारत के खिलाफ पाकिस्तान की लड़ाई में तुर्की ने ना- पाक का सपोर्ट किया जिसके बाद तुर्की का भारत में बायकॉट अभियान जोड़ पकड़ रहा है और सोशल मीडिया से लेकर विपक्ष समेत कई राजनीतिक तक व व्यापारी भी इसका विरोध कर रहे हैं. जिससे तुर्की के सेब, पर्यटन और मार्बल उद्योगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. तो वहीं देश में हैशटैग बायकॉट तुर्की शुरू हो गया है. इससे आने वाले समय में भारत में तुर्की से आ रहे सामानों पर पाबंदी लगाई जा सकती हैं. तो आइए जानते हैं तुर्की को कैसे भारी पड़ गई पाकिस्तान से दोस्ती.
भारत हर साल तुर्की से 300,000 से 500,000 टन सेब आयात करता है. हाल ही में, हिमाचल प्रदेश के सेब उत्पादकों ने तुर्की से सेब आयात पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है, क्योंकि तुर्की ने पाकिस्तान को सैन्य सहायता प्रदान की थी.
भारतीय यात्रा कंपनियों ने तुर्की और अज़रबैजान के लिए बुकिंग निलंबित कर दी है. EaseMyTrip के संस्थापक निशांत पिट्टी और अभिनेत्री रूपाली गांगुली जैसे प्रमुख व्यक्तित्वों ने तुर्की की यात्रा का बहिष्कार करने का आह्वान किया है.
उदयपुर के मार्बल व्यापारियों ने तुर्की से मार्बल आयात बंद कर दिया है, क्योंकि तुर्की ने पाकिस्तान का समर्थन किया है. उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स कमेटी के अध्यक्ष कपिल सुराणा ने कहा कि सभी सदस्यों ने तुर्की के साथ व्यापार समाप्त करने पर सहमति जताई है.
शिवसेना ने मुंबई हवाई अड्डे में काम कर रही तुर्की की कंपनी को हटाने की मांग की है, क्योंकि तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन आपूर्ति की थी.
We should immediately stop destination weddings by Indians in turkey https://t.co/wMqrzvrtwj
— Rajeev Shukla (@ShuklaRajiv) May 13, 2025
भारत और तुर्की के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में लगभग $13.8 बिलियन था. हालांकि, तुर्की के पाकिस्तान के साथ घनिष्ठ संबंधों के कारण भारत ने तुर्की की BRICS में सदस्यता के प्रयासों का विरोध किया है.
तुर्की के पाकिस्तान के प्रति समर्थन के कारण भारत में तुर्की के उत्पादों और सेवाओं का बहिष्कार बढ़ रहा है, जिससे तुर्की की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है.
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