रेल यात्रा हमेशा से ही आम लोगों की पहली पसंद रही है. भीड़, हलचल और तरह-तरह के यात्रियों के बीच सफर का एक अलग ही अनुभव होता है. लेकिन अक्सर देखा जाता है कि यात्री भारी-भरकम सामान के साथ यात्रा करते हैं, जिससे न सिर्फ खुद को बल्कि दूसरों को भी परेशानी होती है. अब रेलवे इस समस्या का स्थायी हल लेकर आया है. हवाई यात्रा की तरह रेलवे भी अब यात्रियों के लिए सख्त लगेज पॉलिसी लागू करने जा रहा है.
रेलवे ने हर श्रेणी के लिए अलग-अलग वजन सीमा तय की है. उदाहरण के लिए, सामान्य श्रेणी में सफर करने वाले यात्री अधिकतम 35 किलो तक का सामान ले जा सकेंगे. यदि दो लोग साथ सफर कर रहे हैं तो यह सीमा 70 किलो तक हो जाएगी.
1. लीपर और थर्ड एसी में लिमिट 40 किलो प्रति यात्री होगी.
2. सेकेंड एसी में यह सीमा 50 किलो तक रहेगी.
3. फर्स्ट एसी यात्रियों के लिए यह सीमा सबसे अधिक 70 किलो होगी.
यात्रा के दौरान यदि कोई यात्री इस तय सीमा से अधिक सामान लेकर जाता है तो उसे जुर्माना या अतिरिक्त चार्ज देना होगा.
रेलवे जल्द ही स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक मशीनें लगाने जा रहा है. जब यात्री का सामान इन मशीनों से होकर गुजरेगा तो तुरंत यह पता चल जाएगा कि उसका वजन और माप तय सीमा में है या नहीं. सीमा से अधिक सामान होने पर वहीं पर अतिरिक्त चार्ज वसूला जाएगा. इस कदम से यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए सावधानी बरतनी होगी और बिना वजह भारी बैग्स साथ ले जाने की आदत पर भी रोक लगेगी.
नए नियमों के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाने की भी तैयारी हो रही है. स्टेशनों पर अब बड़े-बड़े ब्रांड्स की शानदार दुकानें दिख सकती हैं. कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रैवल एक्सेसरीज जैसी चीजें यात्री आसानी से खरीद पाएंगे. इसके लिए रेलवे टेंडर जारी करेगा और दुकानों से मिलने वाली फीस रेलवे के राजस्व में बढ़ोतरी करेगी.
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, नए लगेज नियमों की शुरुआत सबसे पहले प्रयागराज जोन से की जाएगी. इसके बाद इसे पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा. इस कदम से यात्रियों को ज्यादा सुविधाजनक सफर मिलेगा और प्लेटफॉर्म्स पर भीड़ व अव्यवस्था में कमी आएगी. यह नियम यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, क्योंकि अब रेल सफर में “कम सामान, आरामदायक सफर” का अनुभव मिल सकेगा.
Copyright © 2026 The Samachaar
