Delhi NCR क्षेत्र में स्थित दो प्रमुख विद्यालयों—विद्या बाल भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल और एनएन मोहन पब्लिक स्कूल—में 7 मई 2025 को आपदा प्रबंधन पर केंद्रित एक व्यापक मॉकड्रिल (Mock Drill) का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को किसी भी आपातकालीन स्थिति, जैसे कि आग लगना, भूकंप, या आतंकी हमला आदि से निपटने की वास्तविक तैयारी देना था।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह स्कूल प्रांगण में हुई, जहां राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस, सिविल डिफेंस, और अन्य आपातकालीन सेवाओं के अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने पहले एक थ्योरी सेशन में बच्चों को बताया कि संकट की स्थिति में घबराने के बजाय कैसे त्वरित और सही निर्णय लिए जाएं।

विद्या बाल भवन स्कूल में एक मॉक फायर अलार्म बजाया गया, जिसके साथ ही सभी छात्रों और स्टाफ को नियत आपातकालीन निकासी (Emergency Evacuation) मार्गों से बाहर निकाला गया। इस अभ्यास में छात्रों को बताया गया कि किस प्रकार शांत रहते हुए सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।
वहीं एनएन मोहन स्कूल में भूकंप की स्थिति का सजीव अनुभव देने के लिए ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड’ अभ्यास कराया गया। छात्रों को यह सिखाया गया कि भूकंप के दौरान खुद को सुरक्षित रखने के लिए कौन-कौन से कदम उठाने आवश्यक हैं। दोनों स्कूलों में यह देखा गया कि छात्र बहुत ही अनुशासन और समझदारी से अभ्यास में भाग ले रहे थे।
मॉकड्रिल के बाद, NDRF और सिविल डिफेंस के विशेषज्ञों ने छात्रों को प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) की जानकारी दी, जिसमें घायलों की देखभाल, सीपीआर देना और मामूली चोटों का उपचार शामिल था। इसके अतिरिक्त, आग बुझाने वाले यंत्र (Fire Extinguisher) का डेमो भी दिया गया और छात्रों को स्वयं उसका अभ्यास करने का मौका मिला।
इस पूरे कार्यक्रम में छात्रों की जागरूकता, सीखने की रुचि और सुरक्षा प्रक्रियाओं को लेकर उत्साह देखने को मिला। स्कूल प्रशासन ने इस पहल को भविष्य के लिए एक बेहद जरूरी कदम बताया और बताया कि इस तरह की गतिविधियों से न सिर्फ छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में सही प्रतिक्रिया देना भी सिखाया जाता है।
अभिभावकों ने भी इस कार्यक्रम की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह की ट्रेंनिंग उनके बच्चों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। मॉकड्रिल के इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि विद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा और जागरूकता का संदेश देने वाले मजबूत संस्थान भी हैं।
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