राजद नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में आ गए हैं। शनिवार शाम उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट सामने आया, जिसमें उनकी 12 साल पुरानी प्रेमिका अनुष्का यादव की तस्वीर साझा की गई थी। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई।
हालांकि कुछ देर बाद यह पोस्ट डिलीट कर दिया गया, लेकिन फिर से वही पोस्ट दिखाई देने लगा, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई। इसके तुरंत बाद तेज प्रताप यादव की ओर से एक और पोस्ट आया, जिसमें उन्होंने अपने अकाउंट के हैक होने की बात कही।
वहीं अब इस पूरे मामले पर अब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने इस घटना को चिंताजनक बताया और कहा कि यह राजनीतिक परिवार की छवि खराब करने की साजिश हो सकती है। उन्होंने सरकारों से सोशल मीडिया की सुरक्षा और निजता के प्रति सजगता बरतने की अपील भी की।
अब यह देखना होगा कि तेज प्रताप के इस विवादास्पद पोस्ट का सच क्या है—पुरानी यादों की झलक या कोई सायबर साजिश?
यह समाचार चिंतनीय है कि बिहार के एक चर्चित राजनीतिक परिवार के सदस्य के सोशल मीडिया को हैक करके, उनकी तस्वीरों के साथ झूठी सामग्री प्रकाशित की गई है. ये एक बहुत गंभीर मामला है। अगर ऐसे ही हैकिंग होती रही तो कोई इसका बेहद गंभीर और संवेदनशील दुरुपयोग भी कर सकता है या तो सच्चे व्यक्ति को बदनाम करने के लिए या कोई गलत व्यक्ति अपने आत्मप्रचार के लिए।
अखिलेश यादव ने पोस्ट में आगे लिखा, सरकार साइबर क्राइम के मामले में साइबर अपराधियों से दस कदम आगे चलनी चाहिए, क्योंकि उसके पास न तो जायज संसाधनों की कमी है न ही जायज संरचनात्मक ढांचे की, आवश्यकता है तो बस राजनीतिक इच्छाशक्ति की। दुनिया भर में ये सर्वविदित है कि कुछ गलत ताकतें साइबर की टेक्नोलॉजी को जान बूझकर पालती पोसती हैं, जिससे कि वो वक्त पड़ने पर अपने प्रतिद्वंद्वियों या विरोधियों के खिलाफ इस्तेमाल कर सकें। इसीलिए, वो साइबर क्राइम के प्रति गंभीर नहीं दिखाई देती हैं, लेकिन साइबर अपराधी मौकापरस्त होते हैं और आस्तीन का सांप साबित होते हैं।
बता दें कि इससे पहले तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया के पोस्ट को अफवाह बताते हुए कहा कि AI का इस्तेमाल कर गलत एडिट कर पोस्ट डाला गया है और यह उनके परिवार को बदनाम करने कोशिश है।
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