भारत में चल रहे जासूसी नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर की कार्रवाई के बीच राजस्थान के जैसलमेर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. राज्य सरकार के रोजगार विभाग में कार्यरत शकूर खान मंगणियार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
CID और खुफिया एजेंसियों की साझा कार्रवाई में शकूर खान को जैसलमेर स्थित उसके कार्यालय से पकड़ा गया. शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि उसके पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों से भी संपर्क थे. शकूर जैसलमेर के बाड़ा गांव के ढाणी इलाके का रहने वाला है, जो पाकिस्तान सीमा के करीब स्थित है. रिपोर्ट्स के अनुसार वह अब तक कम से कम सात बार पाकिस्तान जा चुका है. पूछताछ के दौरान वह +92 से शुरू होने वाले पाकिस्तानी मोबाइल नंबरों के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका.
जांच में उसके मोबाइल से कोई सीधा सैन्य फोटो या वीडियो नहीं मिला है, लेकिन एजेंसियों का मानना है कि उसने कई अहम फाइलें डिलीट कर दी हैं. शकूर के दो बैंक खातों को भी जांच के घेरे में लिया गया है.
जांच में यह भी सामने आया है कि शकूर का संबंध पाकिस्तान के एक दूतावास अधिकारी से हो सकता है, जिससे उसके ISI नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका और गहरी हो गई है. अब शकूर को आगे की पूछताछ के लिए जयपुर शिफ्ट किया जा सकता है.
भारत सरकार ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद एक बड़ा जवाब था. तब से पंजाब और हरियाणा में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले संदिग्धों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. अब तक 7 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. इनमें हरियाणा की एक ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा भी शामिल हैं, जिन पर पाकिस्तानी एजेंट्स से संपर्क, देश विरोधी वीडियो बनाने और पाकिस्तान की छवि सुधारने की कोशिश का आरोप है.
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