Raghav Chadha: आम आदमी पार्टी के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और उनकी ही पार्टी के नेताओं के बीच विवाद गहराता दिख रहा है। पार्टी के कुछ नेताओं ने उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने संसद में पंजाब से जुड़े मुद्दों को पर्याप्त रूप से नहीं उठाया।इन आरोपों के बीच राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है और आलोचनाओं का जवाब दिया है।
राघव चड्ढा ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि जो लोग यह आरोप लगा रहे हैं, उनके लिए यह सिर्फ एक “ट्रेलर” है, जबकि असली तस्वीर अभी बाकी है। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि पंजाब उनके लिए सिर्फ एक मुद्दा नहीं, बल्कि उनका घर, जिम्मेदारी और पहचान है। इस बयान के जरिए उन्होंने साफ किया कि राज्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाना सही नहीं है।
अपने जवाब में चड्ढा ने उन सभी मुद्दों को गिनाया, जिन्हें उन्होंने संसद में उठाया है। इनमें करतार साहिब और ननकाना साहिब कॉरिडोर, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग और कैंसर ट्रेन जैसे अहम विषय शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने वायु प्रदूषण, जल संकट, भूजल स्तर में गिरावट और किसानों की समस्याओं जैसे मुद्दों पर भी अपनी सक्रियता बताई। उन्होंने शहीद भगत सिंह को भारत रत्न देने की मांग, नदियों के पुनरुद्धार, पंजाब के लिए फंड जारी करने और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा बढ़ाने जैसे विषयों का भी जिक्र किया।
To my colleagues in AAP who were forced to issue videos saying that “Raghav Chadha failed to raise Punjab’s issues in Parliament”, here is a small trailer…Picture Abhi Baaki Hai.
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 5, 2026
Punjab isn’t a talking point for me. It is my home, my duty, my soil, my soul❤️ pic.twitter.com/qdTMHK4sqU
वहीं आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने राघव चड्ढा की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी निष्क्रियता पार्टी के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। पार्टी का मानना है कि सांसद होने के नाते उन्हें राज्य के मुद्दों को ज्यादा मजबूती से उठाना चाहिए था।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पार्टी के अंदर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में और गहरा सकता है। हालांकि, राघव चड्ढा के जवाब के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है और क्या यह विवाद आगे सुलझ पाता है या नहीं।
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