पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने गन्ना किसानों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है. मंगलवार को हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में 2025-26 पेराई सीजन के लिए निजी चीनी मिलों से जुड़े गन्ना किसानों को 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी देने को मंजूरी दी गई. यह राशि राज्य द्वारा तय स्टेट एडवाइज्ड प्राइस (SAP) में से दी जाएगी और सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी.
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देशभर के किसान लागत बढ़ने, भुगतान में देरी और आय की अनिश्चितता जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. पंजाब सरकार का यह कदम गन्ना उत्पादकों के लिए आर्थिक सुरक्षा की मजबूत गारंटी के रूप में देखा जा रहा है.
पंजाब पहले ही गन्ना किसानों को देश में सबसे ज्यादा 416 रुपये प्रति क्विंटल SAP दे रहा है. यह दर पिछले वर्ष के मुकाबले 15 रुपये ज्यादा है. अब इसमें 68.50 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त सब्सिडी जुड़ने से किसानों को मिलने वाला कुल भुगतान और भी मजबूत हो गया है.
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, इस फैसले से पंजाब के गन्ना उत्पादक देश में सबसे बेहतर मुआवजा पाने वाले किसानों की सूची में बने रहेंगे. सरकार का साफ कहना है कि किसानों की आय को सुरक्षित रखना उसकी प्राथमिकता है.
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मॉडल पर लागू किया गया है. यानी अब सब्सिडी का पैसा निजी चीनी मिलों के जरिए नहीं, बल्कि सीधे किसानों के बैंक खाते में पहुंचेगा.
अब तक कई बार किसानों को भुगतान में देरी, कटौती या हिसाब-किताब में गड़बड़ी की शिकायत रहती थी. DBT सिस्टम लागू होने से इन समस्याओं पर काफी हद तक रोक लगेगी. इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि किसानों का सरकार और व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत होगा.
सीधे खाते में समय पर पैसा मिलने से किसानों को खेती की लागत निकालने, कर्ज चुकाने और अगली फसल की तैयारी करने में आसानी होगी. गन्ना जैसी लंबी अवधि की फसल में भुगतान का समय पर मिलना बेहद अहम होता है.
सरकार का मानना है कि इस फैसले से गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिरता बढ़ेगी और वे बिना तनाव के खेती कर सकेंगे. साथ ही यह कदम निजी चीनी मिलों और किसानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे भुगतान विवादों को भी काफी हद तक कम करेगा.
भगवंत मान सरकार का यह फैसला साफ संकेत देता है कि राज्य सरकार किसानों को केवल वादों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि ज़मीनी स्तर पर उनकी आमदनी बढ़ाने और सुरक्षा देने के लिए ठोस कदम उठा रही है.
कुल मिलाकर, 2025-26 पेराई सीजन के लिए दी गई यह सीधी सब्सिडी पंजाब के गन्ना किसानों के लिए राहत की सांस जैसी है और आने वाले समय में इसे किसानों के हित में एक मील का पत्थर माना जा सकता है.
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