Punjab News: केंद्र सरकार ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए पंजाब सरकार को वित्तीय राहत दी है, जिससे राज्य की विकास योजनाओं को नया सहारा मिला है। लंबे समय से कर्ज सीमा में की गई कटौती को लेकर चिंता जता रही पंजाब सरकार की मांग को केंद्र ने गंभीरता से लिया और 4,000 करोड़ रुपये की कर्ज सीमा को दोबारा बहाल कर दिया। यह फैसला साबित करता है कि राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर पंजाब सरकार ने प्रभावशाली ढंग से अपना पक्ष रखा और जनहित में केंद्र को पुनर्विचार करने पर मजबूर किया।
इस फैसले के तहत, वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 9 महीनों में पंजाब सरकार को 3,080 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की अनुमति दी गई है। बाकी 920 करोड़ रुपये की मंजूरी साल की आखिरी तिमाही में दी जाएगी।
पिछले महीने केंद्र सरकार ने पंजाब की कुल कर्ज सीमा में 16,477 करोड़ रुपये की कटौती कर दी थी, जिससे राज्य की कई विकास योजनाएं रुकने की आशंका थी। इस पर पंजाब सरकार ने आपत्ति जताई और केंद्र को पत्र भेजकर कहा कि इतनी बड़ी कटौती ठीक नहीं है। इसके बाद केंद्र सरकार ने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया और 4,000 करोड़ की सीमा को बहाल कर दिया।
फिलहाल पंजाब के लिए केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 51,176 करोड़ रुपये की कर्ज सीमा तय की है, लेकिन अभी तक केवल 21,905 करोड़ रुपये की ही मंजूरी मिली थी। अब 4,000 करोड़ की बहाली से राज्य सरकार को अपना खर्च और योजनाएं संभालने में आसानी होगी।
इसके अलावा, केंद्र सरकार के पास 7,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर्ज सीमा बहाल करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जिस पर जल्द निर्णय लिया जा सकता है।
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