पंजाब के जलंधर में गुरुवार को आयोजित 'सीएम दी योगशाला' कार्यक्रम ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. PAP ग्राउंड में आयोजित इस विशाल योग कार्यक्रम में 21,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिसे राज्य सरकार ने एकल योग इवेंट में सर्वाधिक उपस्थिति का रिकॉर्ड बताया है. यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से ठीक पहले हुआ, और इसमें प्रदेशभर से आए लोगों ने भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई.
हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे, लेकिन उनकी जगह स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने योगाभ्यास सत्र की अगुवाई की और जनता को संबोधित किया। उन्होंने इसे ‘स्वस्थ और ऊर्जावान पंजाब’ की दिशा में एक मजबूत कदम बताया.
राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, पहले इस कार्यक्रम के लिए 17,000 योगा मैट्स की व्यवस्था की गई थी, लेकिन जनसैलाब उम्मीद से कहीं ज्यादा निकला. आयोजकों के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में लोगों का योग के लिए एकत्र होना, पंजाब में स्वास्थ्य जागरूकता का संकेत है.
योग को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करने की अपील कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि “आप सभी से आग्रह है कि योग को अपने रोज़ के जीवन में शामिल करें। यह न सिर्फ शरीर को स्वस्थ बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी देता है. पंजाब एक बार फिर से अपने गौरवशाली, स्वस्थ और ऊर्जावान राज्य की पहचान हासिल करने की ओर अग्रसर है.”
मंत्री ने बताया कि ‘सीएम दी योगशाला’ योजना दो साल पहले जलंधर से शुरू हुई थी और आज राज्यभर में यह रोजाना 3,200 स्थानों पर चल रही है। इन क्लासों से करीब एक लाख लोग हर दिन लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने योग शिक्षकों की नियुक्ति भी की है, ताकि योगाभ्यास को सही तरीके से सिखाया जा सके।
अरविंद केजरीवाल को बताया ‘मास्टरमाइंड’ डॉ. बलबीर सिंह ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को देते हुए कहा,“योगशाला की संकल्पना अरविंद केजरीवाल जी की दूरदर्शिता का नतीजा है। उनका विजन ही इस कार्यक्रम की नींव है. कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, आप के प्रमुख नेता और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
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